मुख्य अतिथि कथाकार और आलोचक डॉ. हरीदास व्यास ने श्रीमती कच्छवाह के जीवन के नवमें दशक में सृजन की क्षमता को रेखांकित किया तथा उनके द्वारा सृजित चांद कंवर की विस्तृत विवेचना की।
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
मीराबाई का जीवन वृत्त काव्य, साहित्य एवं संस्कृति के योगदान को रेखांकित करता है। यह मीराबाई की जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को अत्यंत प्रामाणिकता के साथ प्रभावशाली प्रस्तुत करता है। यह कथन जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय राजस्थानी विभाग के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. कल्याण सिंह शेखावत ने महिलाओं की साहित्यिक संस्था संभावना द्वारा आयोजित श्रीमती दमयंती कच्छवाह की तीन पुस्तकों के लोकार्पण में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहे । इस कार्य के लिए उन्होंने 11000 रुपए पुरस्कार की भी घोषणा की।
मुख्य अतिथि कथाकार और आलोचक डॉ. हरीदास व्यास ने श्रीमती कच्छवाह के जीवन के नवमें दशक में सृजन की क्षमता को रेखांकित किया तथा उनके द्वारा सृजित चांद कंवर की विस्तृत विवेचना की। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर रेनू शाह ने तीनों पुस्तकों की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि मनुष्य मरणशील है, लेकिन उसका सृजन सदैव अमर रहता है।
विशिष्ट अतिथि आजीवन शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. ओपी टाक ने उनकी पुस्तकों एवं जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला। संभावना की सचिव डॉ. अंजना चौधरी ने अपने पत्र वाचन में उनकी पुस्तक सिया राम में सब जग जानी से श्रोताओं का परिचय कराया।
इस अवसर पर लेखिका दमयंती कच्छवाह ने समय के सदुपयोग एवं परिश्रम के महत्व को बताया । संभावना की अध्यक्ष श्रीमती बसंती पंवार ने अतिथियों का स्वागत किया। आकाशवाणी की उद्घोषिका गुलनाज खान ने श्रीमती दमयंती कच्छवाह की जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला और उनके आकाशवाणी में योगदान पर विस्तृत चर्चा की । इस कार्यक्रम में श्रीमती कुंती देवड़ा, डॉ. पद्मजा शर्मा, डॉ. सरोज कौशल, डाॅ. मनीषा डागा, डॉ. शिव प्रकाश अरोड़ा, सिंधु गहलोत, श्रीमती अर्चना, श्रीमती मीता थापा, दीप्ति कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में जोधपुर के जाने-माने साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे ।संभावना की वरिष्ठ सदस्य डॉ. चांद कौर जोशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन मधुर परिहार ने किया।











