भगवान पंवार. जोधपुर
शिवम नाट्यालय का 66वां अरंगेत्रम दिव्यांशी चांडक द्वारा 23 मई शनिवार 2026 को ‘जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन’ के सभागार में आयोजित होने जा रहा है। दिव्यांशी का जन्म वर्ष 2010 में जोधपुर में हुआ था। वर्तमान में वह दिल्ली पब्लिक स्कूल जोधपुर में कक्षा 10 की छात्रा हैं।
नृत्य के प्रति अपने जुनून के साथ-साथ, दिव्यांशी को कुकिंग और किताबें पढ़ने में भी गहरी रुचि है। डांस क्लास के साथ ही वह गीता क्लास भी जाती है, जहां से गीता के आठ अध्याय कंठस्थ याद किए हैं। वह अपनी संस्कृति से भी अत्यंत गहराई से जुड़ी हुई हैं और अध्यात्म में विशेष रुचि रखती हैं।
अटूट समर्पण और लगन के साथ, दिव्यांशी ने इस शास्त्रीय नृत्य शैली की विभिन्न मुद्राओं और बारीकियों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मात्र 4 वर्ष की आयु में अपनी गुरु डॉ. मंजूषा चंद्रभूषण सक्सेना के मार्गदर्शन में भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया था।
भरतनाट्यम में अपनी औपचारिक शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत, अब वह ‘अरंगेत्रम’ की प्रस्तुति देने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। दिव्यांशी, श्रीमती सीमा एवं दिनेश चांडक की सुपुत्री हैं।



