केबी व्यास ने बताया कि यह विश्व ज्ञान यात्रा अभी तक भारत, यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया और जापान में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है।
दिलीप कुमार पुरोहित. बर्लिन (जर्मनी)
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लोटस ब्लूम पब्लिकेशन की ओर से ब्रह्मलीन युग मनीषी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा की विश्व ज्ञान यात्रा अपने १० वें पड़ाव की ओर है। 21 मई 2026 तथा 25 मई 2026 को जर्मनी के फ्रेकफर्ट एवं बर्लिन में सेमिनार होगा।
केबी व्यास ने बताया कि यह विश्व ज्ञान यात्रा अभी तक भारत, यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया और जापान में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है।
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से आयोजित यह विश्व ज्ञान यात्रा प्रो सिन्हा को सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रो सिन्हा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष और डीन थे तथा इसके अलावा 26 स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भी रहे हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का गठन भी इन्होंने ही किया था। उन्हें सनातन धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, इस्लाम, यहूदी धर्म तथा सिख धर्म का गहन और व्यापक ज्ञान था। साथ ही फ्रायड, युंग, कांट तथा ओशो के चिंतन का भी उन्होंने गंभीर अध्ययन किया था। भारतीय दर्शन और रामचरितमानस के अध्ययन एवं व्याख्या में उनकी विशेष प्रतिष्ठा थी। वे रामायण के विद्वान तथा मानस के अत्यंत प्रभावशाली वक्ता माने जाते थे।
डॉ. सिन्हा लगातार चार वर्षों तक भारत सरकार की सर्वोच्च दार्शनिक संस्था Indian Council for Philosophical Research के सदस्य रहे। उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा “फ़ख्र-ए-हरियाणा” श्रेष्ठ साहित्य सम्मान से भी सम्मानित किया गया, जिसमें पाँच लाख रुपये की सम्मान राशि, प्रशस्ति-पत्र तथा शॉल प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें हरियाणा उर्दू अकादमी सम्मान तथा हिंदी सेवा सम्मान भी प्राप्त हुए।
इस कार्यक्रम में विकास शर्मा भी जूम से जुड़ रहे हैं, जिन्होंने प्रो सिन्हा के करीब 1500 पॉडकास्ट को यू ट्यूब पर साझा किया। विकास शर्मा विश्व ज्ञान यात्रा में जोधपुर और यूएई भी शामिल हुए थे और प्रो सिन्हा के बारे में कई जानकारियां उन्होंने साझा की थी।
डॉ. मृणालिनी जो कि प्रो हिम्मत सिंह सिन्हा की ज्येष्ठ पुत्री हैं तथा कुरुक्षेत्र के बीएड कॉलेज की प्रिंसिपल रहीं हैं वे भी बर्लिन के इस कार्यक्रम में जूम से शामिल होंगी तथा अपने पिताजी के बारे में कई नए आयाम सभी के सामने प्रस्तुत करेंगी। इन्होंने बताया कि वे जब छोटे थे तो उनके घर पर सैंकड़ो साधु संत आया करते थे और वे यह कहते थे कि प्रो सिन्हा एक दिव्य व्यक्तित्व हैं तथा ऐसे व्यक्तित्व धरती पर हज़ार डेढ़ हज़ार वर्षों पश्चात ही पैदा होते हैं। उनकी इस दिव्यता को हम लोग उनके ब्रह्मलीन होने के पश्चात अधिक महसूस करते हैं।
फ़्रेकफ़र्ट में होने वाला कार्यक्रम लोटस ब्लूम पब्लिकेशन और इंडो जर्मन सोसाइटी की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वहाँ के डॉ. अरुणकुमार दुबे, जैकब थरक्कन, और मयूर पांड्या उपस्थित रहेंगे।
तथा बर्लिन में होने वाले कार्यक्रम के लिए लोटस ब्लूम पब्लिकेशन के साथ कायस्थ मंच इंटरनेशनल के डॉ. दिनेश निगम जो इस संस्था के फाउंडर हैं वे सिंगापुर से जूम द्वारा जुड़ेंगे तथा इस संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वेदांत श्रीवास्तव उपस्थित रहेंगे। केबी व्यास ने बताया कि इसके बाद प्रो सिन्हा की विश्व ज्ञान यात्रा कनाडा और अंत में यूएसए जाएगी।







