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Thursday, July 9, 2026, 2:35 am

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काकू का कहना है- शिक्षा नेग सबको देना है

विवाह की खुशियों को बनाया समाज सेवा का उत्सव
आकाशवाणी के गौतमराज नवल काकू के परिवार ने शिक्षा नेग की अनूठी पहल कर विद्यार्थियों को दिए सहयोग राशि और बैंचें
“पे बैक टू सोसायटी” की भावना से समाज में शिक्षा जागरूकता का संदेश

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

सामाजिक परंपराओं को नई दिशा देते हुए जटिया (रैगर) समाज में “शिक्षा नेग” की एक प्रेरणादायी पहल की गई। यह पहल केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं रही, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई। महापरिनिर्वाणी प्रेमदेवी भैराराम नवल के पुत्र एवं पुत्रवधू पन्ना देवी नवल और आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक गौतमराज नवल काकू के वैवाहिक जीवन की 40वीं वर्षगांठ तथा उनके सुपोत्र सिद्धार्थ नवल एवं मनोज नवल के विवाहोत्सव की सुखद सम्पन्नता के उपलक्ष में परिवार की ओर से समाज के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सहयोग प्रदान किया गया।

भदवासिया में संचालित रेमिडियल कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षणिक सहयोग हेतु 21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता एवं दो कक्षा कक्षों के लिए बैंचें भेंट की गईं। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य लोग, शिक्षाविद और विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस पहल को समाज में शिक्षा के प्रति नई चेतना जगाने वाला कदम माना जा रहा है।

शिक्षा को सबसे बड़ा नेग मानने की प्रेरक सोच

आमतौर पर विवाह और पारिवारिक आयोजनों में उपहार एवं भौतिक प्रदर्शन को महत्व दिया जाता है, लेकिन गौतमराज नवल परिवार ने इस अवसर को समाज हित में बदलते हुए शिक्षा को “सबसे बड़ा नेग” मानने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि यह पहल आने वाले समय में समाज के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

सहयोग राशि और बैंचें भेंट करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा से ही संभव है। यदि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सहयोग मिले तो वे भी जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। यही सोच “पे बैक टू सोसायटी” की भावना को मजबूत बनाती है।

विद्यार्थियों के चेहरों पर दिखी खुशी

भदवासिया स्थित कन्या छात्रावास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के चेहरों पर विशेष उत्साह दिखाई दिया। रेमिडियल कक्षाओं में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार का सहयोग उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कक्षा कक्षों के लिए उपलब्ध कराई गई बैंचों से अध्ययन व्यवस्था और अधिक सुगम होगी।

कार्यक्रम में भोमाजी कुटुम्ब के अग्रज रूपकुमार जी, बालकिशन जी, राहुल जी और कृष्ण कुमार जी चौहान की उपस्थिति रही। वहीं शिक्षाविद एवं कन्या छात्रावास भदवासिया के पूर्व प्राचार्य चेतन प्रकाश नवल तथा सहयोगी पूर्ण प्रकाश सिंगाडिया के सान्निध्य में सामाजिक सहयोग कार्य सम्पन्न हुआ।

समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहते हैं गौतमराज नवल काकू

समाज के लोगों ने इस अवसर पर गौतमराज नवल के सामाजिक सरोकारों की विशेष सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि गौतमराज नवल केवल व्यवसायिक और पारिवारिक जीवन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे निरंतर समाज सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। वे अपनी आय का एक हिस्सा नियमित रूप से नेक कार्यों, शिक्षा सहयोग, सामाजिक सेवा और जरूरतमंद परिवारों की मदद में खर्च करते हैं।

उनकी यही सोच उन्हें समाज में अलग पहचान दिलाती है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब अधिकांश लोग व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं तक सीमित हो जाते हैं, तब गौतमराज नवल जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।

शिक्षा से ही बदलेगा समाज का भविष्य

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज को यदि नई दिशा देनी है तो शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों तक संसाधन पहुंचाना केवल दान नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का कार्य है। “शिक्षा नेग” जैसी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर परिवार अपने शुभ अवसरों पर थोड़ी-सी राशि शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित करे तो अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भविष्य संवारा जा सकता है। इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि उत्सव केवल निजी खुशी तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनमें सामाजिक संवेदनाओं का समावेश भी होना चाहिए।

क्या है “शिक्षा नेग” पहल?

शुभ अवसरों पर समाज हित में सहयोग देने की पहल
जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहायता
सामाजिक आयोजनों को सेवा से जोड़ने का प्रयास
“पे बैक टू सोसायटी” की भावना को बढ़ावा

प्रेरक व्यक्तित्व 

गौतमराज नवल काकू की विशेषताएं :

समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी
शिक्षा सहयोग के प्रति विशेष रुचि
आय का हिस्सा नेक कार्यों में समर्पित
जरूरतमंदों की सहायता को जीवन मूल्य मानते हैं
सामाजिक चेतना और सकारात्मक सोच के प्रेरणास्रोत

संदेश 
समाज को क्या सीख देती है यह पहल?

खुशियों को समाज सेवा से जोड़ना चाहिए
शिक्षा सबसे बड़ा निवेश है
छोटी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है
सामूहिक सहयोग से समाज मजबूत बनता है

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor