पारस शर्मा. जोधपुर
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर की “मेरा गांव मेरा गौरव” टीम द्वारा संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता अभियान के अंतर्गत शेरगढ़ तहसील के ग्राम सोईंत्रा में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 100 किसानों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण एवं ग्राम स्तरीय जल संसाधन प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में काजरी के वैज्ञानिक डॉ. मनोज परिहार (मृदा वैज्ञानिक) द्वारा किसानों को मृदा नमूना संग्रहण की वैज्ञानिक विधि, नमूना लेते समय बरती जाने वाली सावधानियां, मृदा परीक्षण की प्रक्रिया, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों को खेत के विभिन्न स्थानों से उचित गहराई पर मृदा का नमूना लेने तथा समय-समय पर मृदा की जांच करवाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही फसल एवं भूमि की आवश्यकता अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। वहीं डॉ. दीपेश माचीवाल (वैज्ञानिक, जल विज्ञान) ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्वास्थ्य कार्ड, खेत स्तर पर जल की मांग एवं आपूर्ति प्रबंधन तथा एचडीपीई लाइनिंग युक्त तालाबों के महत्व पर किसानों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचडीपीई लाइनिंग तकनीक से तालाबों में पानी का रिसाव कम होता है, जिससे सिंचाई एवं जल संरक्षण की दक्षता बढ़ती है तथा लंबे समय तक जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। साथ ही उन्होंने किसानों को जल गुणवत्ता की नियमित जांच एवं उपलब्ध जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर ग्राम सरपंच श्री गोविंद सोईंत्रा ने किसानों को काजरी संस्थान की विभिन्न कृषि तकनीकों एवं योजनाओं से जुड़कर अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर भी चर्चा की गई।



