पारस शर्मा. जोधपुर
आयुष मंत्रालय भारत सरकार के एनसीआईएसएम द्वारा 2026 -27 की सम्बद्धता हेतु आयुर्वेद महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के अंतर्गत संचालित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जोधपुर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के भारतीय चिकित्सा प्रणाली राष्ट्रीय आयोग की वार्षिक निरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
निरीक्षण दल में दो निरीक्षक संस्थान परिसर में भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि एक निरीक्षक ने हाइब्रिड मोड के अंतर्गत ऑनलाइन माध्यम से 2026-27 की सम्बद्धता हेतु निरीक्षण में सहभागिता की।
एनसीआईएसएम नई दिल्ली द्वारा देश के प्रत्येक संस्थान में प्रतिवर्ष सम्बद्धता हेतु निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान दल ने संस्थान की शैक्षणिक एवं चिकित्सीय व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षकों ने संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय के बहिरंग विभाग एवं अंतःरंग विभाग सेवाओं, केंद्रीय पुस्तकालय, ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी, फार्मेसी, छात्रावासों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं तथा संस्थान की समग्र आधारभूत संरचना का निरीक्षण किया। इसके साथ ही शिक्षण एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं तथा शैक्षणिक गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
निरीक्षण दल ने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, सुव्यवस्थित चिकित्सीय सेवाओं तथा आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए विकसित वातावरण की सराहना की। संस्थान प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा निरीक्षण दल को आवश्यक अभिलेख, प्रस्तुतिकरण एवं व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल ने कहा, कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय गुणवत्ता आधारित आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय आयोग निरीक्षण संस्थान की शैक्षणिक एवं चिकित्सीय गुणवत्ता को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेद ज्ञान को आधुनिक अधोसंरचना एवं अनुसंधान के साथ समन्वित कर विद्यार्थियों एवं समाज को उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करना है।”
पूर्व में आयुर्वेद महाविद्यालय क्यू सी आई की रैंकिंग में ए ग्रेड प्राप्त कर चुका है।



