हम हर शनिवार को राजस्थान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर न्यूज प्रकाशित करेंगे। पहली कड़ी में पढ़िए- ‘पालनहार योजना’
परिवार के बीच रहकर शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य पा रहे हजारों बच्चे, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की महत्वपूर्ण पहल
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
9782414079 diliprakhai@gmail.com
राजस्थान सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में Department of Social Justice and Empowerment Rajasthan की “पालनहार योजना” एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय पहल मानी जाती है।
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने का व्यापक प्रयास है।
क्या है पालनहार योजना?
Department of Social Justice and Empowerment Rajasthan द्वारा संचालित पालनहार योजना के तहत ऐसे बच्चों को उनके निकट संबंधियों या परिचित परिवारों के पास रखा जाता है, जिनके माता-पिता का निधन हो चुका हो या वे विशेष परिस्थितियों के कारण बच्चों की देखभाल करने में सक्षम नहीं हों।
योजना का मुख्य उद्देश्य
- अनाथ एवं असहाय बच्चों का पालन-पोषण सुनिश्चित करना
- बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना
- शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना
- बाल श्रम और शोषण रोकना
- सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना
लाभार्थी: किन बच्चों को मिलता है योजना का लाभ?
अनाथ बच्चे
न्यायिक प्रक्रिया में मृत्युदंड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे
विधवा माता के अधिकतम तीन बच्चे
पुनर्विवाह करने वाली विधवा के बच्चे
एचआईवी/एड्स पीड़ित माता-पिता के बच्चे
कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
विशेष रूप से दिव्यांग माता-पिता के बच्चे
निराश्रित एवं परित्यक्त बच्चे
कौन बन सकता है “पालनहार”?
योजना में “पालनहार” उस व्यक्ति को कहा जाता है जो बच्चे की जिम्मेदारी लेकर उसका पालन-पोषण करता है। सामान्यतः दादा-दादी, चाचा-चाची, मामा-मामी, भाई-बहन या अन्य करीबी रिश्तेदार पालनहार बन सकते हैं।यदि कोई निकट संबंधी उपलब्ध नहीं हो तो परिचित परिवार भी नियमानुसार पालनहार बन सकता है।
आर्थिक सहायता ऐसे मिलती है?
- 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है।
- स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अधिक राशि प्रदान की जाती है।
- बच्चों को वार्षिक वस्त्र, स्वेटर, जूते एवं अन्य आवश्यक सामग्री हेतु अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है। सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
आवेदन प्रक्रिया कैसे होती है?
पालनहार योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।
ध्यान रहे : आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
● बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र
● माता-पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र (जहां लागू हो)
● आधार कार्ड
● जन आधार कार्ड
● बैंक खाते का विवरण
● आय प्रमाण-पत्र
● विद्यालय प्रमाण-पत्र
● पालनहार का पहचान पत्र
● पासपोर्ट साइज फोटो
योजना से जुड़ी प्रमुख शर्तें
- पालनहार परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- बच्चे का स्कूल में अध्ययनरत होना आवश्यक है।
- बच्चे की उचित देखभाल की पुष्टि विभागीय जांच में होनी चाहिए।
- समय-समय पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
सुविधा : योजना के प्रमुख फायदे
■ बच्चों को परिवार जैसा वातावरण
अनाथालय की बजाय पारिवारिक माहौल में विकास।
■ शिक्षा और पोषण की सुरक्षा
सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।
■ सामाजिक संरक्षण
बच्चों को असुरक्षा और शोषण से बचाने का प्रयास।
■ ग्रामीण परिवारों को सहयोग
गरीब परिवारों को आर्थिक राहत।
■ बाल श्रम रोकने में मदद
शिक्षा से जोड़कर बाल श्रम की संभावना कम होती है।
र लगातार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। पालनहार योजना को बाल संरक्षण और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि बच्चों का सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना है।
जानकारी : कैसे मिलती है सहायता राशि?
| श्रेणी | सहायता का स्वरूप |
|---|---|
| छोटे बच्चे | मासिक पालन-पोषण सहायता |
| स्कूल जाने वाले बच्चे | अधिक आर्थिक सहायता |
| वार्षिक सहायता | वस्त्र, जूते, स्वेटर आदि |
| भुगतान प्रणाली | सीधे बैंक खाते में DBT |
Author: Dilip Purohit
Group Editor




