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हार्ट को बीमार बना रहे रोजमर्रा के खाने! ये 5 चीजें भूलकर भी मत खाना : डॉ. बिमल छाजेड़

डॉ. बिमल छाजेड़ ने देशवासियों को किया आगाह, बोले- नमक, तला भोजन और शुगरी ड्रिंक्स बढ़ा रहे हार्ट अटैक का खतरा

कौन है डॉ. बिमल छाजेड़? : डॉ. बिमल छाजेड़ देश के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। वे पूर्व में All India Institute of Medical Sciences से जुड़े रहे हैं। डॉ. छाजेड़ Science and Art of Living SAAOL के संस्थापक हैं, जो प्राकृतिक जीवनशैली, योग, खानपान सुधार और बिना सर्जरी हार्ट केयर को बढ़ावा देने वाली संस्था के रूप में जानी जाती है। वे हृदय रोगों की रोकथाम, नेचुरल बाईपास थेरेपी और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करते रहते हैं। डॉ. छाजेड़ नियमित रूप से व्याख्यान, स्वास्थ्य शिविर और वीडियो के माध्यम से हार्ट हेल्थ संबंधी जानकारी साझा करते हैं।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

भारत में तेजी से बढ़ रही हृदय रोग की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। युवा वर्ग भी हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं की चपेट में आ रहा है। ऐसे में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिमल छाजेड़ ने अपने एक यू-ट्यूब वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि हमारी रोजमर्रा की कुछ खाने-पीने की आदतें ही हार्ट की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी हैं।

डॉ. बिमल छाजेड़ देशवासियों को जागरूक करते हुए कहते हैं कि हार्ट की बीमारी आज भारत में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुकी है। कब किस व्यक्ति को हार्ट संबंधी समस्या हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। ऐसे में जरूरी है कि लोग अपने भोजन और जीवनशैली को लेकर सतर्क रहें।

उनके अनुसार कुछ सामान्य खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें यदि समय रहते कम या बंद नहीं किया गया तो वे हार्ट अटैक, ब्लॉकेज, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

ज्यादा नमक वाला भोजन बन रहा ‘साइलेंट किलर’

बतौर डॉ. बिमल छाजेड़, सबसे पहले लोगों को अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। वे बताते हैं कि सोडियम युक्त भोजन शरीर में ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ाता है। जब ब्लड प्रेशर बढ़ता है तो हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में यही स्थिति हार्ट की गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।

डॉ. छाजेड़ आगाह करते हैं कि पैकेज्ड फूड, चिप्स, नमकीन, अचार, पापड़ और इंस्टेंट प्रोसेस्ड फूड में अत्यधिक नमक होता है। लोग स्वाद के कारण इनका नियमित सेवन करते हैं, लेकिन यही आदत आगे चलकर नुकसान पहुंचाती है।

वे कहते हैं कि घर का ताजा और कम नमक वाला भोजन हार्ट के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है।

तला-भुना भोजन बढ़ा रहा ब्लॉकेज

डॉ. बिमल छाजेड़ के अनुसार फ्राइड और ऑयली फूड हार्ट के लिए बेहद नुकसानदायक हैं। वे बताते हैं कि डीप फ्राइड स्नैक्स शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ाते हैं, जिससे नसों में ब्लॉकेज बनने लगती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। उनके अनुसार समोसा, पकोड़ी, पूरी, फिंगर चिप्स और सड़क किनारे मिलने वाला तला भोजन लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। खासकर वह स्ट्रीट फूड जिसमें बार-बार एक ही तेल का इस्तेमाल किया जाता है, उसमें ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। यह फैट हृदय के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। डॉ. छाजेड़ सलाह देते हैं कि लोग तले भोजन की जगह उबले, स्टीम या कम तेल वाले भोजन को अपनाएं।

मीठे ड्रिंक्स और सोडा से बढ़ रहा डायबिटीज का खतरा

डॉ. बिमल छाजेड़ देशवासियों को जागरूक करते हुए कहते हैं कि शुगरी ड्रिंक्स यानी अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ भी हार्ट के बड़े दुश्मन हैं। उनके अनुसार सॉफ्ट ड्रिंक्स, सोडा और पैकेज्ड जूस शरीर में शुगर लेवल को अचानक बढ़ाते हैं, जिससे मेटाबॉलिक बीमारियों और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। वे बताते हैं कि बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड फ्रूट जूस में अक्सर अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है। ऐसे में यदि जूस पीना हो तो ताजा फलों का जूस बेहतर विकल्प हो सकता है। डॉ. छाजेड़ लोगों से अपील करते हैं कि वे बच्चों को भी कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों से दूर रखें।

प्रोसेस्ड फूड से बढ़ रहा हार्ट डिजीज का रिस्क

बतौर डॉ. बिमल छाजेड़, आजकल लोग सुविधा और स्वाद के कारण रेडी-टू-ईट फूड पर अधिक निर्भर हो गए हैं। इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज बिस्किट, चिप्स और पैकेज स्नैक्स का लगातार सेवन धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।वे बताते हैं कि इन खाद्य पदार्थों में प्रिजर्वेटिव, अतिरिक्त नमक, ट्रांस फैट और कई प्रकार के केमिकल्स होते हैं, जो हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ाते हैं।डॉ. छाजेड़ आगाह करते हैं कि यदि लोग लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं तो उन्हें प्राकृतिक और घर में बने भोजन को प्राथमिकता देनी होगी।

ज्यादा चाय-कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स भी नुकसानदायक

डॉ. बिमल छाजेड़ के अनुसार अत्यधिक चाय, कॉफी और कैफीन युक्त ड्रिंक्स भी हार्ट की सेहत पर नकारात्मक असर डालते हैं। वे बताते हैं कि अधिक कैफीन से शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, हार्ट की धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आने लगता है। उनके अनुसार स्ट्रॉन्ग चाय, शुगर और क्रीम वाली कोल्ड कॉफी तथा एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

सलाह : हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें
  • योग और हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें
  • ताजे फल और हरी सब्जियां अधिक खाएं
  • धूम्रपान और शराब से दूरी रखें
  • समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं

सावधान! : ये 5 चीजें तुरंत कम करें

  1. ज्यादा नमक वाला भोजन
  2. तला और ऑयली फूड
  3. शुगरी ड्रिंक्स और सोडा
  4. प्रोसेस्ड एवं पैकेज्ड फूड
  5. ज्यादा चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स

लाइफस्टाइल सुधारने पर दिया जोर

डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं कि हार्ट की बीमारी से बचाव केवल दवाइयों से संभव नहीं है, बल्कि सही लाइफस्टाइल अपनाना सबसे जरूरी है। उनके अनुसार यदि व्यक्ति समय रहते अपनी खानपान की आदतों में बदलाव कर ले तो हार्ट अटैक और ब्लॉकेज जैसी समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वे लोगों से अपील करते हैं कि अपने परिवार को भी हेल्दी लाइफस्टाइल के प्रति जागरूक करें और बच्चों में भी अच्छी खानपान की आदतें विकसित करें।

काम की बात : हार्ट के लिए सबसे जरूरी 4 जांच

  • ब्लड प्रेशर
  • ब्लड शुगर
  • कोलेस्ट्रॉल
  • ट्राइग्लिसराइड

डॉ. छाजेड़ के अनुसार इन चारों की नियमित जांच हार्ट डिजीज के खतरे को समय रहते पहचानने में मदद करती है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor