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Thursday, July 9, 2026, 1:10 am

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भोगिशैल परिक्रमा : महारानी हेमलता राज्ये चौथे दिन पदयात्रा में 10 किलोमीटर चली

प्रातः 4 बजे घोर अंधेरे से 8ः15 तक उजाले तक पथरीले, पहाडी व तंग रास्ते पर पैदल चलकर अनेक मंदिरों में किए दर्शन

प्रातः 4 बजे बैजनाथ से मंडलनाथ, कुंडली माता, तनोट माता बीएसएफ, जोगी तीर्थ और दईजर माता व बेरिगंगा मंदिरों में पहाडी व पथरीले रास्ते से चलकर किए दर्शन

सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज का परिक्रमा में मिला सान्निध्य, बेरीगंगा से पहले राज्यसभा सांसद ने की अगवानी

सुनील वर्मा. जोधपुर

भोगीशैल परिक्रमा के चौथे दिन महारानी हेमलता राज्ये ने प्रातः 4 बजे से 8ः15 बजे तक 10 किलोमीटर घोर अंधेरे से उजाले तक पथरीले, पहाडी व तंग रास्ते पर पैदल चलकर परिक्रमा करते हुए अनेक मंदिरों में दर्शन किए व मारवाड की खुशहाली की प्रार्थना की।

महारानी हेमलता राज्ये ने प्रातः 4 बजे सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज के साथ बैजनाथ मंदिर से परिक्रमा शुरू की। उस समय घोर अंधेरा था, रास्ता भी पूरी तरह पथरीला था, पर मन में आस्था और दृढ विश्वास के आगे कठिन डगर भी सरल लग रही थी। रास्ते में आने वाले मंदिरों में पूरे विश्वास के साथ में दर्शन करके मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना की। बेरीगंगा तक पूरा रास्ता पहाडी उतार चढाव वाला था, लेकिन महारानी हेमलता राज्ये परिक्रमा के अन्य श्रद्धालु महिलाएं व पुरुषों के साथ पूर्ण मनोयोग के साथ में परिक्रमा करती है।

परिक्रमा में साथ चलने वाली महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले भजनों को पूरी तल्लीनता के साथ सुनती हुई भक्ति भाव से आगे बढती जाती। पूरी परिक्रमा में सामान्य श्रद्धालु की तरह अपना व्यवहार और भाव रखती है।

परिक्रमा रास्ते में स्वागत सत्कार होता रहा

महारानी हेमलता राज्ये व सैनाचार्य अचलानंद गिरि महाराज का परिक्रमा मार्ग पर अनेक जगहों पर स्वागत सत्कार हुआ। कहीं दुपट्टा, शॉल ओढा कर, मालाएं पहनाकर। जगह-जगह चाय, शरबत, फल, फ्रूट क्रीम, पानी व नाश्ते की मनवार होती रही। पहाडी मार्ग पर अनेक जगह यह व्यवस्था सेवाभावी लोगों द्वारा कर रखी थी।

परिक्रमा रास्ते में इन मंदिरों में किए दर्शन

परिक्रमा रास्ते में पहले मंडलनाथ मंदिर, फिर कुंडली माता मंदिर, बीएसएफ तनोट माता मंदिर, जोगी तीर्थ में शिव मंदिर, दईजर माता मंदिर व सबसे अंत में बेरी गंगा शिव मंदिर में दर्शन कर भेंट चढाई।

बेरीगंगा से पहले राज्यसभा सांसद ने की अगवानी

बेरीगंगा पहुंचने से पहले रास्ते में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत ने महारानी हेमलता राज्ये की अगवानी की। उन्होंने महारानी हेमलता राज्ये व सैनाचार्य अचलानन्द गिरि महाराज द्वारा की जा रही पैदल परिक्रमा पदयात्रा की सराहना की।

शनिवार को परिक्रमा का रास्ता यह रहेगा

शनिवार 30 मई को महारानी हेमलता राज्ये सैनाचार्य अचलानंद गिरि के सान्निध्य में प्रातः 4 बजे बेरी गंगा से परिक्रमा पदयात्रा शुरू करेंगी व मंडोर तक परिक्रमा होगी। इनकी परिक्रमा पदयात्रा की व्यवस्थाएं मेहरानगढ म्यूजियम ट्रस्ट के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी किशनवीर सिंह राठौड व जनरल मैनेजर करण सिंह भाटी द्वारा की जा रही है। परिक्रमा में रघुवीर सिंह खारिया, महिपाल सिंह गंठिया भी साथ थे। भोगीशैल परिक्रमा के आयोजन सचिव विष्णु प्रजापति हिंदू सेवा मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ परिक्रमा की व्यवस्था में लगे हुए थे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor