आयुर्वेद विश्वविद्यालय : लक्ष्मण बैगलुरु ने दिया विशिष्ट व्याख्यान
पारस शर्मा. जोधपुर
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में कुलगुरु प्रो (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट द्वारा आयोजित “कंटीन्यूअस कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम-2026” के अंतर्गत शुक्रवार को पीजीआईए सेमिनार हॉल में विशेष व्याख्यान एवं संहिता पाठ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री लक्ष्मण बैंगलुरु के संघ प्रचारक ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्रों को शिक्षा एवं चिकित्सा में अपने उत्तरदायित्वों को निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही देश की संस्कृति एवं संस्कारों पर विशिष्ट व्याख्यान दिया।
साथ ही स्नातकोत्तर स्वस्थवृत्त विभाग से डॉ. खुशबू कुमावत ने “हैल्थी फ़ूड ” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली, भोजन संबंधी भ्रम एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में स्नातकोत्तर मौलिक सिद्धांत विभाग द्वारा“संहिता पाठ” का अभ्यास करवाया गया। संहिताओं के अध्ययन, शुद्ध उच्चारण तथा पारंपरिक पद्धति से पाठ करने की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उपस्थित अध्येताओं ने सामूहिक संहिता पाठ का अभ्यास किया।
इस अवसर पर कुलगुरु ने कहा कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ भारतीय परंपरा एवं आयुर्वेदिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को आयुर्वेद की मूल संहिताओं के नियमित अध्ययन एवं व्यवहारिक अनुप्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान प्रान्त के रिछपाल राठौड,प्राचार्य पीजीआईए प्रो.चंदन सिंह, संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. ए. नीलिमा रेड्डी, प्रोफेसर गोविन्द गुप्ता, उपअधीक्षक डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा, मीडिया प्रभारी डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ भानुप्रिया चौधरी, डॉ गजेंद्र दुबे, डॉ सौरभ अग्रवाल, मौलिक सिद्धांत विभाग से असि.प्रो.डॉ रामेश्वर डूडी, डॉ संकल्प शर्मा, डॉ सतीश ठाकुर एवं अन्य आयुर्वेद संकाय सदस्य, एवं स्नातकोत्तर छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।




