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डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना: सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की अनूठी पहल

राजस्थान सरकार की डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र दंपत्तियों को कुल ₹10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें ₹5 लाख संयुक्त बैंक खाते में तथा ₹5 लाख फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखे जाते हैं। 
“यह योजना डॉ. साविताबेन अंबेडकर के नाम पर संचालित है, जो भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पत्नी, चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने सामाजिक समानता और मानवाधिकारों के मूल्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।”

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

9783414079 diliprakhai@gmail.com

सामाजिक समानता, जातिगत भेदभाव को कम करने और समाज में समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, जिसके तहत अनुसूचित जाति एवं अन्य हिंदू वर्गों के बीच विवाह करने वाले पात्र दंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करना तथा ऐसे दंपत्तियों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करना है, जो जातीय बंधनों से ऊपर उठकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत करते हैं।

क्या है योजना का उद्देश्य?

भारतीय समाज में लंबे समय से जातिगत विभाजन एक सामाजिक चुनौती रहा है। ऐसे में अंतरजातीय विवाह सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार ने यह योजना शुरू की है।

योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि विभिन्न जातियों के बीच वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा मिले, सामाजिक दूरी कम हो और संविधान में निहित समानता के मूल्यों को मजबूत किया जा सके।

दंपत्तियों को मिलती है 10 लाख रुपये की सहायता

“राजस्थान सरकार की डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र दंपत्तियों को कुल ₹10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें ₹5 लाख संयुक्त बैंक खाते में तथा ₹5 लाख फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखे जाते हैं।

यह सहायता राशि नवविवाहित दंपत्तियों को उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत में आर्थिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है। इससे उन्हें आवास, शिक्षा, स्वरोजगार अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलती है।

ध्यान दें : योजना की मुख्य विशेषताएं

■ योजना का नाम : डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना
■ संचालक विभाग : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
■ उद्देश्य : अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देना
■ लाभार्थी : अनुसूचित जाति एवं अन्य हिंदू वर्ग के बीच विवाह करने वाले पात्र दंपत्ति
■ आर्थिक सहायता : 10,00000 रुपये

कौन उठा सकता है लाभ?

योजना का लाभ उन दंपत्तियों को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। विवाह विधिवत संपन्न होना चाहिए तथा उसका पंजीकरण कराया जाना आवश्यक होता है। आवेदन के समय संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।

राज्य सरकार समय-समय पर योजना की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन भी करती रहती है। इसलिए आवेदकों को नवीनतम दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।

सामाजिक बदलाव का माध्यम बन रही योजना

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरजातीय विवाह समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे विवाह सामाजिक पूर्वाग्रहों को कम करने में सहायक साबित होते हैं। यही कारण है कि सरकार आर्थिक प्रोत्साहन के माध्यम से लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित कर रही है।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे जातिगत भेदभाव को कम करने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

काम की बात : योजना से होने वाले लाभ

■ सामाजिक समरसता को बढ़ावा
■ जातिगत भेदभाव में कमी
■ नवविवाहित दंपत्तियों को आर्थिक संबल
■ समानता एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को मजबूती
■ संविधान की भावना के अनुरूप समाज निर्माण

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक पात्र दंपत्ति सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए विवाह प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय कार्यालयों एवं अधिकृत पोर्टल पर प्राप्त की जा सकती है।

राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण पहल

डॉ. साविताबेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। यह योजना न केवल पात्र दंपत्तियों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता के संदेश को भी मजबूत करती है। सामाजिक बदलाव और समरस समाज के निर्माण में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor