Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 12:53 am

Thursday, July 9, 2026, 12:53 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

नागपुर में संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह, महारानी हेमलता राज्ये के साथ किया विशेष दौरा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आमंत्रण पर पहुंचे नागपुर, संघ कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन समारोह में रहे विशिष्ट अतिथि

सुनील वर्मा. जोधपुर

जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये ने नागपुर स्थित स्मृति मंदिर परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय के समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। यह यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के विशेष आमंत्रण पर संपन्न हुई, जिसमें दोनों ने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शिक्षार्थियों से भी संवाद किया।

नागपुर प्रवास के दौरान जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह और महारानी हेमलता राज्ये का संघ परिवार की ओर से आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति को विशेष महत्व दिया गया, क्योंकि यह केवल एक औपचारिक सहभागिता नहीं थी, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण की परंपराओं के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक भी रही।

समापन समारोह में देशभर से आए स्वयंसेवकों, प्रशिक्षुओं और संघ पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ किया पूरे परिसर का भ्रमण

नागपुर प्रवास के दौरान जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ स्मृति मंदिर परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास, कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।

दोनों ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की समाधि का अवलोकन किया तथा उनके निवास स्थान और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को भी देखा। भ्रमण के दौरान संघ की वैचारिक यात्रा, संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक कार्यों के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई।

संघ प्रमुख ने स्वयं परिसर के अनेक महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी देते हुए उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया।

मोहन भागवत से हुई विशेष चर्चा

कार्यक्रम के दौरान जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये की सरसंघचालक मोहन भागवत से अलग से भी विस्तृत चर्चा हुई। यह चर्चा सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर केंद्रित रही।

दोनों ने संघ प्रमुख के साथ भोजन भी किया। इस दौरान आपसी विचारों का आदान-प्रदान हुआ और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी उन्होंने विकास वर्ग में शामिल कार्यकर्ताओं एवं शिक्षार्थियों से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना।

संवाद के दौरान संघ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, युवाओं की भूमिका तथा समाज सेवा के विभिन्न आयामों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

क्या है कार्यकर्ता विकास वर्ग?

कार्यकर्ता विकास वर्ग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों को संगठन, नेतृत्व, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस वर्ग का उद्देश्य समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय एवं जिम्मेदार कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है।

पुस्तकों और स्मृति चिह्नों का हुआ आदान-प्रदान

नागपुर यात्रा के दौरान जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये ने सरसंघचालक मोहन भागवत को तीन विशेष पुस्तकें भेंट कीं। इनमें जल प्रबंधन, महाराजा उम्मेद सिंह तथा मीरा बाई से संबंधित पुस्तकें शामिल थीं।

इसके साथ ही उन्होंने पारंपरिक देसी पट्टू भी भेंट किया, जो मारवाड़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरएसएस के प्रकाशनों की पुस्तकें और साहित्य दोनों अतिथियों को भेंट किए। इस अवसर पर ज्ञान, संस्कृति और इतिहास से जुड़े साहित्य के आदान-प्रदान को विशेष महत्व दिया गया।

भेंट की गई प्रमुख पुस्तकें

जल प्रबंधन पर आधारित पुस्तक
महाराजा उम्मेद सिंह पर आधारित पुस्तक
संत कवयित्री मीरा बाई पर आधारित पुस्तक
मारवाड़ी परंपरा का प्रतीक देसी पट्टू

जोधपुर आने का दिया आश्वासन

नागपुर प्रवास के दौरान हुई चर्चा में सरसंघचालक मोहन भागवत ने जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये से उनके परिजनों के हालचाल भी पूछे। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जब भी उनका जोधपुर आगमन होगा, वे उम्मेद भवन पैलेस अवश्य आएंगे।

इस आत्मीय संवाद ने दोनों पक्षों के बीच मौजूद सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया। नागपुर यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक संवाद का भी महत्वपूर्ण अवसर बनी।

नागपुर दौरे की प्रमुख बातें

आरएसएस कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय के समापन समारोह में सहभागिता
सरसंघचालक मोहन भागवत के विशेष आमंत्रण पर नागपुर पहुंचे
स्मृति मंदिर परिसर एवं डॉ. हेडगेवार स्मारक का भ्रमण
संघ प्रमुख के साथ विशेष चर्चा एवं सामूहिक भोजन
पुस्तकों और सांस्कृतिक स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान
मोहन भागवत ने जोधपुर आने पर उम्मेद भवन आने की इच्छा जताई

सांस्कृतिक संवाद और सामाजिक समरसता का संदेश

जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह और महारानी हेमलता राज्ये की नागपुर यात्रा ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण के साझा मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की। आरएसएस के प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों और परंपराओं के बीच संवाद एवं सहयोग भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है।

नागपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक संगठनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रीय एकता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor