प्रज्ञा निकेतन छात्रावास में होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम, शहर के गणमान्यजन होंगे शामिल
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
शहर की सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 17 जून का दिन विशेष महत्व का रहेगा। स्मृतिशेष श्रीमती उमा कुम्भट, धर्मपत्नी वरिष्ठ समाजसेवी एवं भामाशाह श्याम कुम्भट की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक भावपूर्ण भजन संध्या एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 17 जून 2026 को शाम 4 बजे प्रज्ञा निकेतन छात्रावास प्रांगण, पब्लिक पार्क के पीछे, होटल रावत के पास, जोधपुर में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान, जोधपुर की ओर से किया जा रहा है। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया है।
संस्थान की अध्यक्ष प्रो. मीना बरडिया ने बताया कि स्मृतिशेष उमा कुम्भट का जीवन सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने तथा उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भजन गायकों द्वारा भक्तिमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा उपस्थितजन दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे।
प्रो. बरडिया ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए छात्रावास के वार्डन डॉ. अरविंद जोशी सहित संस्थान की पूरी टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है। अतिथियों के स्वागत, मंच व्यवस्था, भजन संध्या और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को गरिमामय बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है।
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, शिक्षाविद, चिकित्सक, उद्योगपति, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक अवसर भी होगा।
गौरतलब है कि श्याम कुम्भट जोधपुर शहर के प्रमुख समाजसेवियों एवं भामाशाहों में गिने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, दिव्यांग कल्याण, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विभिन्न संस्थाओं और जरूरतमंद लोगों के सहयोग के लिए उनकी पहचान शहरभर में सम्मान के साथ की जाती है। समाजहित में किए गए उनके कार्यों के कारण वे जनमानस में विशेष स्थान रखते हैं।
आयोजकों का मानना है कि स्मृतिशेष उमा कुम्भट की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित यह भजन संध्या श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश देगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग न केवल दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराएंगे।
भजन संध्या में सभी धर्मप्रेमी नागरिकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों ने आशा व्यक्त की है कि बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से यह आयोजन एक प्रेरणादायी और स्मरणीय कार्यक्रम के रूप में स्थापित होगा।




