गुलाबी नगरी में जदीद लबो लहजे से सजी ख़ूबसूरत शाइरी
राखी पुरोहित. जयपुर
जदीद लबो लहजे से सजी ख़ूबसूरत शाइरी, ख़ूब जमा मुशाइरा, तरन्नुम और तहत में शानदार ग़ज़लें।शहर से दूर दिल्ली रोड गोकुल भाई भट मार्ग ठाठ स्थित मुक्ताकाशीय मंच पर रात को सजे मुशाइरे में शाइरों ने एक से बढ़ कर एक ख़ूबसूरत ग़ज़लें पेश कर सुधि श्रोताओं को अभिभूत कर दिया।
ग़ुलाबी नगरी की क़ुदरती महकती फ़िज़ा और ठंडी बयार के बीच देर रात चले इस मुशाइरे की अध्यक्षता इंटरनेशनल सआदत सईद व मग़रिबी बंगाल उर्दू अकादमी से जामे जहांनुमा अवॉर्ड से सम्मानित प्रख्यात शाइर एम आई ज़ाहिर ने की।
राजस्थान उर्दू अकादमी से सम्मानित विख्यात शाइरा व उर्दू पत्रकार डॉ. जीनत कैफ़ी मुख्य अतिथि थीं। सुपरिचित पत्रकार व शाइर अरशद वारसी विशिष्ट अतिथि और उस्ताद शाइर माहिर शैदाई स्वागताध्यक्ष थे।
मुशाइरे में अफ़ज़ल अली अफ़ज़ल, इमरान क़ैस, मोहम्मद सुहैल, सादिक़ अली शादाब, शाहबाज़ अहमद, आबिद नवाब, सादिक़ गोया व अनुराग शर्मा ने ख़ूबसूरत ग़ज़लें पेश कर श्रोताओं से ख़ूब दाद पाई। अंत में आयोजक इमरान क़ैस ने शुक्रिया अदा किया। संचालन शाहबाज़ अहमद ने किया। कार्यक्रम में कई गणमान्य श्रोता मौजूद थे।




