शास्त्रीनगर में शुरू हुई अनूठी पहल, बिना दवाओं के स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने का दिया जा रहा संदेश
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण आज अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में जोधपुर के शास्त्रीनगर क्षेत्र में संचालित “योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य जागृति केन्द्र” लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। यह केन्द्र योग, व्यायाम, संतुलित आहार और सकारात्मक जीवनशैली के माध्यम से समाज को स्वस्थ, निरोगी और आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दे रहा है।
केन्द्र का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि यदि वे अपने दैनिक जीवन में योग, प्राकृतिक चिकित्सा और उचित दिनचर्या को अपनाएं तो अनेक रोगों से बचा जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन का आनंद लिया जा सकता है। केन्द्र का मानना है कि स्वास्थ्य केवल दवाओं पर निर्भर नहीं है, बल्कि व्यक्ति की जीवनशैली, सोच और दिनचर्या भी उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य जागृति केन्द्र में नियमित रूप से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को यह बताया जाता है कि प्राकृतिक रूप से स्वस्थ कैसे रहा जाए, जीवनशैली जनित विकारों से कैसे बचा जाए और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को किस प्रकार मजबूत बनाया जाए। केन्द्र के विशेषज्ञ योगाभ्यास, शारीरिक व्यायाम और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
केन्द्र द्वारा तनावमुक्त जीवन जीने पर विशेष बल दिया जा रहा है। वर्तमान समय में मानसिक तनाव अनेक बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुका है। ऐसे में योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति प्राप्त करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने की प्रेरणा दी जाती है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि नियमित योगाभ्यास से शरीर सुडौल, लचीला और ऊर्जावान बना रहता है।
यह केन्द्र लोगों को दिनचर्या और भोजनचर्या में सुधार के महत्व से भी अवगत करा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और समयबद्ध दिनचर्या न केवल रोगों से बचाती है, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता और मानसिक क्षमता को भी बढ़ाती है। इसलिए यहां प्राकृतिक और पौष्टिक भोजन, पर्याप्त जल सेवन, नियमित व्यायाम तथा समय पर विश्राम के महत्व को समझाया जाता है।
योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य जागृति केन्द्र का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर स्वास्थ्य की ओर प्रेरित करना भी है। केन्द्र में यह जानकारी दी जाती है कि अस्वस्थ होने की स्थिति में किस प्रकार प्राकृतिक उपायों, योग और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इससे व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बनता है।
शास्त्रीनगर स्थित यह केन्द्र समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने का कार्य कर रहा है। यहां नियमित रूप से स्वास्थ्य विषयक चर्चा, मार्गदर्शन और परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। केन्द्र का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर रोगों से दूर रहें और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
इस जनकल्याणकारी अभियान में कई समर्पित व्यक्तित्व सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। केन्द्र के संचालक एवं योग प्रशिक्षक हनुमानराम चौधरी प्राकृतिक चिकित्सा और योग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। वहीं समन्वयक जुगराज बालौत तथा संयोजक विजयलक्ष्मी सुराणा भी इस जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
केन्द्र का संचालन आर्य समाज, पी. एंड टी. कॉलोनी के पीछे, सेक्टर-बी, शास्त्रीनगर, जोधपुर में किया जा रहा है। यहां सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 11 बजे से 12:30 बजे तक स्वास्थ्य जागरूकता और मार्गदर्शन गतिविधियां संचालित होती हैं। स्वास्थ्य के प्रति सजग नागरिकों के लिए यह केन्द्र एक प्रेरणादायी मंच बनकर उभर रहा है।
आज जब समाज बढ़ती बीमारियों और अस्वस्थ जीवनशैली की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य जागृति केन्द्र जैसी पहलें आशा की नई किरण बनकर सामने आ रही हैं। यह केन्द्र केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ही नहीं दे रहा, बल्कि लोगों को एक बेहतर, संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की दिशा भी दिखा रहा है। यदि अधिक से अधिक लोग इस प्रकार की पहलों से जुड़ें, तो निश्चित रूप से एक स्वस्थ, जागरूक और निरोगी समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
Author: Dilip Purohit
Group Editor





