स्वास्थ्य साधना केन्द्र में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक जीवनशैली पर मंथन, न्यायविदों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की होगी सहभागिता
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण आज अनेक लोग विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जोधपुर स्थित स्वास्थ्य साधना केन्द्र द्वारा एक महत्वपूर्ण “विचार-आहार गोष्ठी” का आयोजन किया जा रहा है। इस गोष्ठी का विषय “अपने घर से शतायु जीवन की यात्रा” रखा गया है, जो वर्तमान समय की आवश्यकता और समाज के स्वास्थ्य भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ विषय माना जा रहा है।
यह कार्यक्रम आगामी 28 जून 2026 को प्रातः 11 बजे स्वास्थ्य साधना केन्द्र, लाल पुलिया, चौपासनी रोड, जोधपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। आयोजकों का मानना है कि यदि व्यक्ति अपने घर से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की शुरुआत करे और दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव अपनाए, तो वह दीर्घायु, स्वस्थ और प्रसन्न जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री योगेश जी माहेश्वरी, प्रबंध न्यासी, स्वास्थ्य साधना केन्द्र द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका लंबे समय से प्रेरणास्रोत रही है। उनके मार्गदर्शन में स्वास्थ्य साधना केन्द्र ने अनेक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। इस अवसर पर वे स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी की आवश्यकता तथा स्वास्थ्य संरक्षण के सामाजिक आयामों पर अपने विचार रखेंगे।
गोष्ठी के मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में डॉ. गोविन्द सहाय शुक्ला, कुलगुरु, Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Rajasthan Ayurved University, उपस्थित रहेंगे। डॉ. शुक्ला आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं। वे अपने उद्बोधन में आयुर्वेदिक जीवनशैली, रोगों की रोकथाम, संतुलित आहार तथा प्राकृतिक स्वास्थ्य संरक्षण के वैज्ञानिक आधार पर प्रकाश डालेंगे। उनके विचार निश्चित रूप से उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रामेश्वर व्यास सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश एवं केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जोधपुर के न्यायिक सदस्य उपस्थित रहेंगे। न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान करेगी। वे जीवन मूल्यों, अनुशासन और स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर अपने विचार रख सकते हैं, जो समाज के लिए उपयोगी मार्गदर्शन सिद्ध होंगे।
इस आयोजन का प्रायोजन समाजसेवी श्री रामेश्वर सिंह राजपुरोहित, पीलवा द्वारा किया जा रहा है। यह आयोजन उनकी स्वर्गीय श्रीमती भंवर कंवर राजपुरोहित की स्मृति को समर्पित है। सामाजिक और मानवीय मूल्यों से जुड़े ऐसे आयोजनों को सहयोग देकर वे समाज में स्वास्थ्य चेतना और जनकल्याण की भावना को मजबूत कर रहे हैं। आयोजकों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज के जागरूक नागरिकों के सहयोग से ही ऐसे रचनात्मक और जनहितकारी कार्यक्रमों का विस्तार संभव है।
गोष्ठी का प्रमुख उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि दीर्घायु जीवन केवल चिकित्सा सुविधाओं पर निर्भर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की दिनचर्या, भोजनचर्या, मानसिक स्थिति और शारीरिक सक्रियता पर भी आधारित होता है। आज अधिकांश रोग जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव, अनिद्रा और हृदय रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा और संतुलित आहार के माध्यम से इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान खोजा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शतायु जीवन का अर्थ केवल लंबी आयु प्राप्त करना नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीना है। यदि व्यक्ति अपने घर से ही स्वास्थ्य के प्रति सजगता अपनाए, नियमित योग करे, प्राकृतिक भोजन को प्राथमिकता दे और मानसिक संतुलन बनाए रखे, तो वह अनेक रोगों से बच सकता है। इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह विचार-आहार गोष्ठी आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य, आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक भी भाग लेंगे। गोष्ठी के दौरान संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने प्रश्न रखने तथा विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वास्थ्य संबंधी अनेक भ्रांतियों का निवारण होगा और लोगों को व्यावहारिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले उपायों की जानकारी प्राप्त होगी।
स्वास्थ्य साधना केन्द्र की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम के पश्चात सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए प्राकृतिक आहार एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई है। यह व्यवस्था कार्यक्रम के विषय के अनुरूप स्वस्थ और प्राकृतिक जीवनशैली के संदेश को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करेगी। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया है कि वे कार्यक्रम में समय पर उपस्थित होकर इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक आयोजन का लाभ उठाएं।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य साधना केन्द्र लंबे समय से योग, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य लोगों को दवा-निर्भर जीवनशैली से बाहर निकालकर स्वास्थ्य के प्राकृतिक सिद्धांतों से जोड़ना है। “अपने घर से शतायु जीवन की यात्रा” विषय पर आयोजित यह गोष्ठी उसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक योगदान देगी।
आयोजकों को विश्वास है कि यह कार्यक्रम लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगा तथा स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन के लिए प्रेरित करेगा। वर्तमान समय में जब स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, तब ऐसे आयोजन समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
Author: Dilip Purohit
Group Editor





