हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट ने 101 जोड़ी चप्पलें, फल, छाछ और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर दिया सेवा का संदेश
राइजिंग भास्कर | जोधपुर
एकादशी का पर्व भारतीय संस्कृति में आस्था, संयम, सेवा और परोपकार का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट ‘उम्मीद की एक किरण’ ने जोधपुर में विभिन्न स्थानों पर व्यापक सेवा अभियान चलाकर मानवता और सामाजिक सरोकार का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अभियान के तहत जरूरतमंद लोगों, थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों तथा मूक पशु-पक्षियों की सेवा कर समाज को यह संदेश दिया गया कि सच्ची पूजा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और जीव-जंतुओं की सेवा भी ईश्वर की आराधना का ही स्वरूप है।
जरूरतमंदों के चेहरों पर लाई मुस्कान
ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम पोहानी ने बताया कि एकादशी के अवसर पर आयोजित इस सेवा अभियान का उद्देश्य समाज के उन लोगों तक सहायता पहुंचाना था, जिन्हें दैनिक जीवन में छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। अभियान के दौरान फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को 101 जोड़ी चप्पलें वितरित की गईं। इसके साथ ही उन्हें बिस्किट, ताजे आम और ठंडी छाछ भी उपलब्ध कराई गई, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि कई लोग आर्थिक अभाव के कारण नंगे पैर चलने को मजबूर होते हैं। ऐसे लोगों को चप्पल उपलब्ध कराना केवल वस्तु दान नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा का भी प्रयास है। जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान देखकर सभी स्वयंसेवियों को आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई।
थैलेसीमिया मरीजों को बांटे पौष्टिक फल
सेवा अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए भी समर्पित रहा। ट्रस्ट के सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों को ताजे और पौष्टिक फलों का वितरण किया तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों से आत्मीय संवाद भी किया गया।
पूनम पोहानी ने कहा कि थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि समाज के सहयोग, अपनत्व और मानसिक संबल की भी आवश्यकता होती है। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मरीजों और उनके परिवारों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
मूक पशु-पक्षियों की सेवा को भी दिया महत्व
एकादशी के अवसर पर ट्रस्ट ने मानव सेवा के साथ-साथ मूक पशु-पक्षियों की सेवा को भी अपनी प्राथमिकता बनाया। स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। भीषण गर्मी में जीव-जंतुओं को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया।
ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रकृति के प्रत्येक जीव के प्रति दया और करुणा भारतीय संस्कृति की पहचान है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास रहने वाले पशु-पक्षियों के लिए थोड़ी-सी भी व्यवस्था कर दे, तो हजारों बेजुबान जीवों का जीवन सुरक्षित हो सकता है।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म : पूनम पोहानी
पूनम पोहानी ने कहा कि हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट ‘उम्मीद की एक किरण’ का उद्देश्य केवल अवसर विशेष पर सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को निरंतर मजबूत करना है। ट्रस्ट समय-समय पर रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, जरूरतमंदों की सहायता, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सहयोग तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक सामाजिक कार्यक्रम संचालित करता रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व तभी सार्थक होते हैं, जब उनके माध्यम से समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचे। एकादशी जैसे पवित्र पर्व पर किया गया सेवा कार्य समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करता है।
सभी स्वयंसेवकों का रहा सराहनीय योगदान
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम पोहानी के नेतृत्व में एएसआई रेखा चौधरी, बीएसएफ के सेवानिवृत्त अधिकारी मनोहर सिंह खींची, मनीषा राठौड़, तेज कंवर सांखला, रजनी बरवानी, नरेंद्र लोकवाणी, मनोज सोनी सहित अन्य सदस्यों ने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ सेवा कार्यों में भागीदारी निभाई।
सभी स्वयंसेवकों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जरूरतमंद लोगों की सहायता की और यह सुनिश्चित किया कि सेवा अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। उनकी निस्वार्थ सेवा भावना की स्थानीय नागरिकों ने भी मुक्तकंठ से सराहना की।
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट ‘उम्मीद की एक किरण’ का यह सेवा अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज के लोग सामूहिक रूप से सेवा का संकल्प लें, तो अनेक जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। ट्रस्ट ने अपने कार्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मानव सेवा, रोगियों की सहायता, गरीबों के प्रति संवेदनशीलता और मूक पशु-पक्षियों के प्रति दया—ये सभी मिलकर एक बेहतर और संवेदनशील समाज की नींव रखते हैं।
एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित यह अभियान केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का प्रेरक संदेश भी देता रहा। ट्रस्ट के सदस्यों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके और समाज में सेवा की यह ज्योति निरंतर प्रज्वलित रहे।
Author: Dilip Purohit
Group Editor





