राखी पुरोहित. जोधपुर
संस्था अक्षर की ओर से सोमवार को होटल ए. आर. ऐक्सिलेन्सी में सुनो कथा: बुनो कथा का आयोजन किया गया। संस्था अध्यक्ष आशा पाराशर ने बताया कि हमारे आसपास अनगिनत कहानियाँ और चरित्र मौजूद है, बस जरूरत है तो उन्हें तरतीबवार काग़ज़ पर उतारने की और अच्छी कहानी तैयार हो जाती है ।
संयोजिका ऋचा शरद अग्रवाल ने बताया कि संस्था हर बार एक नया विषय लेकर कार्यशाला का आयोजन करती है, ताकि लेखन स्तरीय हो पाए।
अतिथि (अनुबंध संस्था की संस्थापक) अनुराधा आडवाणी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किस तरह आजकल बच्चे माँ-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़ जाते हैं, प्रॉपर्टी के नाम पर परेशान करते है ।अतिथि अधिवक्ता एवं सलाहकार प्रमिला आचार्य ने आजकल की बढ़ती तलाक की समस्या के बारे में कहा कि यदि सही काउंसलिंग हो तो काफी सारे तलाक होने से बचाए जा सकते हैं। डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संयोजन प्रमोद वैष्णव तथा रमेश भाटी ने किया। विशेष अतिथि अशफाक फौजदार थे । कार्यशाला में भाग लेने वाले सदस्य – बसंती पंवार, डॉ. मनीषा डागा, रेखा जैन, निधि श्रीमाली, अनीता राठी, अनुपमा राठी, सुरभी खींची, नीलम व्यास, रीतिका मनवानी, वीणा अचतानी, मधुर परिहार, सरिता शर्मा, सुलेखा भंसाली, स्नेहलता कुंभट, रश्मि धनकानी, उर्वशी चौहान।







