गज पक्षी चिकित्सालय, पुष्प कोठार का लोकार्पण, गोशाला, ध्यान योग हॉल एवं मंदिर का होगा भूमि पूजन; तीन दिवसीय धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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गज शुश्रुषा ट्रस्ट की ओर से 4 से 6 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय ‘आराध्यम’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट के ट्रस्टी विवेक लुंकड़ ने बताया कि यह आयोजन सेवा, अध्यात्म, जीव संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जनोपयोगी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि पूजन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ‘आराध्यम’ के अंतर्गत गज पक्षी चिकित्सालय तथा पुष्प कोठार (चारा एवं अनाज गोदाम) का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही श्री जीव राज सिंह गोगा देव दिवाकर गोशाला, आत्मपुर ध्यान योग हॉल तथा मंदिर का विधिवत भूमि पूजन भी संपन्न होगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पशु-पक्षियों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण और समाजहित के कार्यों को नई गति प्रदान करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत 4 जुलाई 2026 को होगी। इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक गायत्री मंत्र जाप एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसका संचालन गायत्री परिवार के सहयोग से होगा। सुबह 8 बजे से विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। श्रद्धालु दिनभर मंत्रोच्चार, यज्ञ और आध्यात्मिक साधना में भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
5 जुलाई 2026 को सूर्योदय से सूर्यास्त तक नवकार महामंत्र का अखंड जाप आयोजित किया जाएगा। जैन धर्म के इस पवित्र महामंत्र के सामूहिक जाप के माध्यम से विश्व शांति, मानव कल्याण और आत्मिक उन्नति की कामना की जाएगी। इसी दिन शाम 7 बजे से भक्ति संध्या का आयोजन होगा। इसके साथ ‘कुटुंब प्रबोधन – जिंदगी ऐसे जियो’ विषय पर प्रेरक संबोधन भी होगा, जिसमें पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सकारात्मक जीवनशैली पर विचार साझा किए जाएंगे।
तीन दिवसीय आयोजन का समापन 6 जुलाई 2026 को होगा। इस दिन विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें संत-महात्माओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। दोपहर 1 बजे से महाप्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ट्रस्टी विवेक लुंकड़ ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में जुटे हुए हैं ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस आयोजन में शामिल होकर धर्म, सेवा और संस्कार के इस महायज्ञ का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘आराध्यम’ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीव सेवा, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समर्पण का एक व्यापक अभियान है। ट्रस्ट का मानना है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब सेवा, साधना और संस्कार एक साथ आगे बढ़ें। इसी उद्देश्य को लेकर यह तीन दिवसीय आयोजन आयोजित किया जा रहा है।




