गायत्री परिवार के सान्निध्य में संपन्न हुआ पूजन, भजन संध्या में उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित आराध्यम परिसर में शुक्रवार को आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। रिनिया बालाजी मंदिर के पास स्थित आराध्यम स्थली पर गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री पूजन एवं 5 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ट्रस्ट के तीन दिवसीय लोकार्पण महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय के साथ गायत्री मंत्रोच्चार से हुई। गायत्री परिवार के आचार्यों ने विधि-विधान से यज्ञ कुंड की स्थापना कर गायत्री माता का पूजन किया। इसके बाद सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड गायत्री मंत्र जाप चला। यज्ञ में शामिल श्रद्धालुओं ने आहुति देते हुए विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जीव कल्याण और व्यसन मुक्ति की कामना की। पूरे दिन परिसर “ॐ भूर्भुवः स्वः” के मंत्रों से गुंजायमान रहा।
गज शुश्रुषा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा ने कहा कि “गायत्री मंत्र को वेदमाता कहा गया है। आराध्यम का उद्देश्य ही अध्यात्म, अहिंसा और जीव दया को जन-जन तक पहुंचाना है। आज के इस यज्ञ से न केवल परिसर की भूमि शुद्ध हुई है, बल्कि यहां आने वाले समय में होने वाली गौसेवा और पक्षी चिकित्सा जैसी सभी सेवा गतिविधियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त हुई है।”
उन्होंने बताया कि आराध्यम परिसर को पूर्णतः नशा मुक्त और हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगने वाले हर आयोजन का उद्देश्य समाज में संस्कार और सद्भावना बढ़ाना है।
दिनभर चले यज्ञ और जाप के बाद शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। रात्रि 8:00 बजे से शुरू हुई इस संध्या में स्थानीय भजन गायकों ने गायत्री माता, गौ माता और प्रकृति संरक्षण पर आधारित भजन प्रस्तुत किए। “मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे”, “गायत्री मात की आरती” जैसे भजनों पर पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। भजन संध्या में जोधपुर और आसपास के गांवों से सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ में अनेक कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।







