राखी पुरोहित. जोधपुर
अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन जोधपुर) द्वारा आयोजित भव्य श्री श्री जगन्नाथ रथयात्रा अपार श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं श्रीमती सुभद्रा महारानी के दिव्य दर्शन कर हरिनाम संकीर्तन, नृत्य एवं जयघोष के साथ रथयात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रथयात्रा का शुभारंभ परम आदरणीय श्रीमान देवकीनन्दन प्रभुजी (ट्रस्टी, इस्कॉन; जीबीसी ग्लोबल मिनिस्टर फॉर फंड डेवलपमेंट एवं ज़ोनल सेक्रेटरी) द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगल आरती के साथ किया गया। उन्होंने अपने संदेश में भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा को प्रेम, सेवा, सद्भाव एवं हरिनाम संकीर्तन का विश्वव्यापी संदेश बताया।
मुख्य आकर्षण:
* लगभग 25 फीट ऊँचा भव्य रथ, जिसका निर्माण इस्कॉन जोधपुर के भक्त श्री घनश्याम जी के नेतृत्व में स्थानीय भक्तों द्वारा किया गया।
* रथ को लगभग 500 किलोग्राम पुष्प एवं पुष्पमालाओं से सजाया गया।
* पुष्प पुणे, इंदौर एवं थाईलैंड से मंगवाए गए।
* भगवान के दिव्य श्रृंगार की सामग्री श्रीधाम वृन्दावन से तथा विशेष इत्र श्रीधाम मायापुर से मंगवाया गया।
* श्रीधाम मायापुर से भी अनेक भक्त रथयात्रा में सम्मिलित होने के लिए जोधपुर पहुँचे।
भगवान श्री जगन्नाथ जी को बालसमंद क्षेत्र स्थित एक भक्त के निवास से वैदिक विधि-विधान के साथ लाया गया तथा इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य परम पूज्य ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी श्रील प्रभुपाद के दिव्य विग्रह के साथ रथ पर विराजमान किया गया।
रथयात्रा मार्ग: रावण का चबूतरा → बॉम्बे मोटर सर्किल → जालोरी गेट → गोल बिल्डिंग → बी रोड (सरदारपुरा) → चिल्ड्रन्स पार्क → सत्संग भवन → जलजोग सर्किल → एस.एन. मेडिकल कॉलेज सर्किल → डल्ले खान की चक्की सर्किल → पुनः रावण का चबूतरा।
मार्गभर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, सैकड़ों आकर्षक रंगोलियाँ बनाई और भगवान का भव्य स्वागत किया। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग, करताल एवं भक्तों के आनंदमय नृत्य से पूरा जोधपुर कृष्णमय हो उठा।
रथयात्रा में उपस्थित प्रमुख अतिथि: करण सिंह उचियारड़ा, अर्जुन सिंह उचियारड़ा, अमराराम कुमावत, देवेश सिंह राठौड़ तथा राज्यसभा सांसद श्री राजेन्द्र गहलोत सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंत में भगवान को भोग अर्पित कर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने प्रेमपूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया और इसी के साथ भगवान श्री जगन्नाथ की यह भव्य एवं ऐतिहासिक रथयात्रा आध्यात्मिक उल्लास, हरिनाम संकीर्तन और भक्तिमय वातावरण के मध्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।





