दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
श्री श्री जगन्नाथ रथयात्रा के भव्य आयोजन के उपरांत अब भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलदेव एवं श्रीमती सुभद्रा महारानी परंपरानुसार अपने “मासी के घर” पधार रहे हैं। इसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ISKCON जोधपुर द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ को प्रतिदिन विभिन्न श्रद्धालु भक्तों के घरों में विराजमान कराया जा रहा है, जहाँ वे भक्तों के निष्कपट प्रेम, भक्ति और सेवा को स्नेहपूर्वक स्वीकार कर रहे हैं।
श्रद्धालु भक्त अपने आराध्य प्रभु के स्वागत में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ रहे हैं। कहीं भव्य पुष्प सज्जा की जा रही है तो कहीं विशेष भोग अर्पित किए जा रहे हैं। प्रेम की पराकाष्ठा तो तब देखने को मिलती है जब भक्त अपने आराध्य भगवान श्री जगन्नाथ को अत्यंत श्रद्धापूर्वक *सीट बेल्ट पहनाकर कार में विराजमान कराते हैं* और उन्हें अपने घर लेकर जाते हैं। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावविभोर करने वाला होता है, जो दर्शाता है कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम से ही बंध जाते हैं।
इसी क्रम में *कुड़ी भगतासनी* क्षेत्र में एक श्रद्धालु भक्त के निवास पर भगवान श्री जगन्नाथ की *भव्य मिनी रथयात्रा* का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भक्तों द्वारा विशेष रूप से आकर्षक रथ तैयार कर उसे सुंदर ढंग से सजाया गया है। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग-करताल की मधुर ध्वनि और भक्तों के उत्साहपूर्ण नृत्य के साथ यह शोभायात्रा क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर देगी।
मिनी रथयात्रा *नीलम मेडिकल एंड जनरल स्टोर* से प्रारंभ होकर *सेक्टर-1 सेंट्रल पार्क, जी.डी. मेमोरियल कॉलेज, आशा मार्ट (सेक्टर-6), सामुदायिक भवन तथा राधे-कृष्ण मंदिर* होते हुए श्रद्धालु भक्त के निवास तक पहुँचेगी, जहाँ भगवान श्री जगन्नाथ एक दिन तक भक्तों की सेवा स्वीकार करेंगे। तत्पश्चात अगले दिन वे दूसरे श्रद्धालु भक्त के घर पधारेंगे और इस प्रकार यह दिव्य सेवा क्रम निरंतर चलता रहेगा।
इन मिनी रथयात्राओं का उद्देश्य केवल भगवान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना नहीं, बल्कि *हर घर, हर गली और हर मोहल्ले तक हरिनाम संकीर्तन एवं भगवान श्री जगन्नाथ की कृपा पहुँचाना* है, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रभु के दर्शन कर अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर सकें।
*रथयात्रा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रेमपूर्वक भरपेट महाप्रसाद की व्यवस्था भी की जा रही है। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तगण भगवान श्री जगन्नाथ का महाप्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य अनुभव कर रहे हैं। भक्तों का मानना है कि भगवान के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन और महाप्रसाद—इन तीनों का संगम इस आयोजन को और भी दिव्य एवं अविस्मरणीय बना देता है।*
उल्लेखनीय है कि सभी मिनी रथयात्राओं का आयोजन आवश्यक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही किया जाता है। ISKCON जोधपुर के इस अभिनव प्रयास को स्थानीय श्रद्धालुओं का भरपूर सहयोग और उत्साह प्राप्त हो रहा है। क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में सड़कों पर निकलकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन कर रहे हैं, हरिनाम संकीर्तन में सहभागी बन रहे हैं तथा अंत में प्रेमपूर्वक परोसे जा रहे महाप्रसाद का लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं।




