दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के “तिरंगा वनम प्लांटेशन ड्राइव” के तहत विद्यालय परिसर में 75 पौधे लगाए तथा वितरित किए गए। वंदे मातरम के 150 वें स्मरणोत्सव के तहत वंदे मातरम का सामूहिक गायन तथा तिरंगा रैली आयोजित की गई।
वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा नोडल अधिकारी डॉ पुष्पा कुमारी ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा हर घर तिरंगा अभियान, तिरंगा वनम प्लांटेशन ड्राइव तथा वन्दे मातरम के 150 वें स्मरणोत्सव के अंतर्गत 09 से 17 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, फूलबाग़, मंडोर में पौधारोपण किया गया तथा वंदे मातरम के 150 वें स्मरणोत्सव के तहत वंदे मातरम का सामूहिक गायन तथा तिरंगा रैली निकाली गई।
प्रधानाचार्या परिणीता राजपुरोहित ने सभी का तिरंगा दुप्पटे से स्वागत अभिनन्दन किया तथा भारत सरकार के इन अभियानों से जुड़ने का आह्वान किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ चन्दन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में अनार, बीलपत्र, शीशम, अमलतास, करंज, गुलहड़, कचनार, गुलमोहर, मीठी बादाम, अमरुद, शहतूत, चांदनी, रातरानी, मीठा नीम, रीठा, सहजन, अडूसा, जामुन सहित विभिन्न प्रजाति के 75 पौधे लगाए तथा वितरित किये गये। वंदे मातरम के सामूहिक गायन के बाद जगदीश यादव ने वन्दे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामाजिक तथा सांस्कृतिक महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गीत स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत तथा राजनीतिक चेतना का मार्गदर्शक रहा है। अमित कुमार ने मिशन लाइफ के तहत जानकारी देते हुए कहा कि हमें शुद्ध खानपान के साथ ही योगा, प्राणायाम, एक्सरसाइज करनी चाहिए तथा बिजली, पानी, पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए।
अभियान में प्रधानाचार्या परिणीता राजपुरोहित, यथावत प्रधानाचार्या रंजना गहलोत, यथावत उप प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम दयाल, अध्यापक संतोष चारण, नरेंद्र सिंह राठौर, कैलाश नारायण, मनीष भाटी, पुष्पा टॉक, मीना कुमारी, देवाराम चौधरी, चेतन गहलोत, शेर सिंह, प्रियंका, पूजा आदि उपस्थित रहे। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण से वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा नोडल अधिकारी डॉ पुष्पा कुमारी, डॉ चंदन सिंह पुरोहित, जगदीश यादव, अमित कुमार, भोमाराम सोलंकी, रणजीत मेघवाल, मनोहर गहलोत, खेमराज तथा प्रेमचंद ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समन्वय तथा संचालन डॉ चन्दन सिंह पुरोहित ने किया।


