संस्कार भारती जोधपुर महानगर के अध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार डऊकिया एवं महामंत्री राहुल बोड़ा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य कला साधना को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और कला परंपराओं से जोड़ना है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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संस्कार भारती जोधपुर महानगर की ओर से कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपनी दीर्घकालीन साधना एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले कला साधकों के सम्मान के लिए कला गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में विभिन्न कला विधाओं में विशिष्ट योगदान देने वाले 10 कला गुरुओं का सम्मान किया जाएगा।
संस्कार भारती जोधपुर महानगर के अध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार डऊकिया एवं महामंत्री राहुल बोड़ा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य कला साधना को सम्मान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और कला परंपराओं से जोड़ना है।
समारोह में सम्मानित होने वाले कला गुरुओं में—
मंचीय कला
– रमेश बोहरा — रंगमंच: रंगमंच के क्षेत्र में दीर्घकालीन साधना एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए।
– मंजूषा सक्सेना — नृत्य: नृत्य कला के संवर्धन एवं नई पीढ़ी को कला से जोड़ने में योगदान के लिए।
– बी. एम. व्यास — रंगकर्म: रंगकर्म एवं रंगमंच की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए।
– कर्नल सुरेश श्रीमाली — गायन: गायन एवं संगीत साधना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए।
साहित्य
– चांदकौर जोशी — साहित्य: साहित्य सृजन एवं साहित्यिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए।
दृश्यकला एवं शिल्पकला
– रतन सिंह राजपुरोहित — चित्रकला: चित्रकला के क्षेत्र में दीर्घकालीन कला साधना एवं विशिष्ट योगदान के लिए।
– जवानमल जोशी — चित्रकला: चित्रकला के क्षेत्र में निरंतर साधना एवं योगदान के लिए।
– ज्योति स्वरूप जी शर्मा — धातु शिल्पकला: सोने-चाँदी पर पारंपरिक नक्काशी एवं बारीक शिल्पकारी की कला को जीवंत रखने के लिए।
लोक कला
– रमेश चंद्र शर्मा — लोक कला: लोक कला एवं लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में योगदान के लिए।
– कमलेश दवे — लोक कला: लोक कला की साधना, संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए।
संस्कार भारती जोधपुर महानगर के अध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार डऊकिया ने कहा कि “कला गुरु हमारी सांस्कृतिक परंपराओं के संवाहक हैं। उनकी वर्षों की साधना और अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। इनका सम्मान वास्तव में हमारी कला और संस्कृति का सम्मान है।”
महामंत्री राहुल बोड़ा ने कहा कि “इन कला साधकों ने अपना जीवन कला को समर्पित कर समाज की सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध किया है। संस्कार भारती जोधपुर महानगर इनके सम्मान के माध्यम से स्वयं को गौरवान्वित और कृतज्ञ अनुभव कर रहा है। इनकी कला-साधना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”
उन्होंने बताया कि कला गुरु सम्मान समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि कला साधकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने और भारतीय कला परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम का आयोजन 16 अगस्त 2026, रविवार को दोपहर 2 बजे से जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस स्थित थिएटर सेल में किया जाएगा।

