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Friday, July 10, 2026, 7:24 pm

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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 25500 निकाले, साइबर सेल ने रिफंड करवाए

राखी पुरोहित. जोधपुर
क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर निकाले गए 25500 रुपए परिवादी को साइबर सेल ने रिफंड करवाए। जिला पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण धर्मेन्द्रसिंह ने बताया कि परिवादी अभिषेक निवासी ओसियां कोे फ्राॅडस्टर द्वारा फोन पर क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बन क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ओटीपी लेकर 25,500 रुपए निकाल लए। परिवादी ने 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते साइबर सैल, जोधपुर ग्रामीण द्वारा पूर्ण राशि 25,500 रुपए परिवादी को रिफण्ड करवाने में सफलता प्राप्त की हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जयदेव सिहाग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व रतनसिंह उप अधीक्षक पुलिस, साइबर सैल, जोधपुर ग्रामीण के निकट सुपरविजन में साइबर सैल, जोधपुर ग्रामीण में कार्यरत पुखराज व दयालसिंह कॉनि. द्वारा 1930 के जरिये साइबर पुलिस पोर्टल पर दर्ज परिवादी अभिषेक, निवासी ओसियां की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुये संबंधित बैंक के नोडल अधिकारी से वार्ता तथा पत्राचार कर 25,500 रूपये की राशि होल्ड करवा दी व पूर्ण राशि पुनः परिवादी अभिषेक को रिफंड करवाने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्यवाही में पुखराज काॅनि. व दयालसिंह काॅनि., साइबर सैल जोधपुर ग्रामीण की मुख्य भूमिका रही हैं।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या सावधानियां रखें 
साइबर क्राइम/फ्राॅड की घटना होने पर 1930 पर काॅल/cybercrime.gov.in पर लाॅगिन कर तुरन्त शिकायत दर्ज करावे।
1. ओटीपी/पिन/सीवीवी नंबर शेयर नहीं करें।
2. ऑनलाईन अकान्ट्स/नेटबैंकिग के Alphanumeric special character के साथ complex पासवर्ड रखें।
3. नाम/मोबाईल नंबर/जन्मतिथि को पासवर्ड नहीं बनाये।
4. लाॅटरी/कैशबैक/रिफण्ड/जोब्स/गिफ्ट इत्यादि ऑनलाईन प्रलोभनों से सावधान रहें।
5. यूपीआई पिन व क्यूआर कोड स्कैन का प्रयोग केवल भुगतान करने के लिए किया जाता है, न कि धन राशि प्राप्त करने के लिये।
6. सोशल मीडिया अकाउन्ट्स पर Two step verification/Two factor authentication ऑन रखें।
7. कस्टमर केयर के नंबर कभी भी गुगल से सर्च नहीं करें, केवल आधिकारिक वेबसाईट से प्राप्त करें।
8. मोबाईल डिवाईस का GPS/Bluetooth/NFC/hotspot/WiFi आवश्यक होने पर ही ऑन रखे।
9. अनजान लोगों से प्राप्त होने वाली वीडियो काॅल रिसीव नहीं करें और नही फ्रेन्ड रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
10. पब्लिक WiFi में ऑनलाईन शापिंग या बैकिंग ट्रांजक्शन नहीं करें।
11. अनजान क्यूआर कोड स्केन/लिंक पर क्लिक नहीं करें।
12. अनजान व्यक्ति के कहने पर Remote access Apk Anydesk, Teamviewer, Airdrop, Meadmin, Airminer इत्यादि एप्लिकेशन इन्स्टाॅल या डाउनलोड नहीं करें।
13. Automatic forwarding एप्लीकेशन इन्स्टाॅल या डाउनलोड नहीं करें।
14. Whatsapp, instagram, facebook, truecaller की DP में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम वर्दी पहने फोटो या किसी परिचित व्यक्ति का फोटो दिखाई देने पर तत्काल विश्वास नहीं करें। कोई भी लेनदेन करने से पूर्व परिचित व्यक्ति से काॅल कर सत्यापन करें।
15. ऑनलाईन सोशल साईट पर पर्सनल फोटो/वीडियो शेयर नहीं करें।
16. Like/review/ratings के नाम पर घर बैठे रूपये कमाने के लालच में नहीं आवे और नही invest करें।
17. आरबीआई द्वारा स्वीकृत बैकिंग/नाॅन बैकिंग वित्तिय संस्थानों के अधिकृत लाॅन ऐप से ही लाॅन लेवें।
18. गलत या धोखे से गलत व्यक्ति के खाते में यूपीआई से धनराशि ट्रांसफर होने पर www.npci.org.in पर
ऑनलाईन शिकायत दर्ज करें। ’’सावधानी ही सुरक्षा है”।

साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर शिकायत दर्ज करवाने का तरीका

साइबर फ्राॅड का शिकार होने पर शिकायत दर्ज करवाने का तरीका :–
साइबर फ्रॉड होने के 24 घंटों के भीतर टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवा सकते है। अगर 1930 नंबर व्यस्त आ रहा हो तो साइबर क्राइम पोर्टल पर आइडेंटिटी चोरी, साइबर बुलिंग और वित्तीय फ्रॉड के संबंध में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करवाने का तरीका निम्नानुसार है :-
1. सबसे पहले https://cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाएं।
2. फिर होम पेज पर विजिट करें और register a complaint पर क्लिक कर संबंधित फ्रॉड कैटेगरी को सेलेक्ट करते हुए file a complaint पर क्लिक कर शिकायत दर्ज करें।
3. इसके बाद टर्म एंड कंडीशन पर विलक करके अगले पेज पर जाएं और साइबर क्राइम रिपोर्ट बटन पर क्लिक करें। लॉगिन करके नाम, ईमेल और फोन नंबर दर्ज करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी दर्ज करें व सबमिट बटन पर क्लिक करें।
4. इसके बाद आपके साथ जो फॉड हुआ है, उससे संबंधी शिकायत दर्ज करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
5. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, जहां डिटेल सेव और नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होगा। अगर संभावित संदिग्ध की जानकारी हो तो उसे देकर सबमिट करें। इसके बाद शिकायत रजिस्टर्ड होने का मैसेज आ जाएगा। शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor