स्वच्छ एवं सुरक्षित वार्ड से लेकर स्वास्थ्य, नागरिक सेवाओं, युवा रोजगार और महिला सशक्तीकरण तक समग्र विकास का संकल्प
दिलीप कुमार पुरोहित, जोधपुर
9783414079 diliprakhai@gmail.com
वार्ड 22 की भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार डॉ. सुगंधा गोयल को जनता का स्नेह और आशीर्वाद मिल रहा है। डॉ. सुगंधा कहती हैं कि वे अपने को उम्मीदवार कम, बल्कि वार्ड की सदस्य अधिक मानती हैं। वार्ड को अपना परिवार मानने वाली डॉ. सुगंधा गोयल का मानना है कि विकास केवल सड़क, नाली, सफाई और रोशनी तक सीमित नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य जागरूकता, आसान नागरिक सेवाएं, युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल के अवसर और महिलाओं का सशक्तीकरण भी विकास का अभिन्न हिस्सा हैं। वार्ड के समग्र विकास के इसी विजन को उन्होंने पांच प्रमुख स्तंभों में विभाजित किया है। राइजिंग भास्कर से विशेष बातचीत में डॉ. सुगंधा गोयल ने अपने विजन को विस्तार से साझा किया। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल : वार्ड 22 के विकास को लेकर आपका मूल विजन क्या है?
डॉ. सुगंधा गोयल : मेरा मानना है कि वार्ड का विकास केवल सड़क बन जाने या नाली साफ हो जाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक विकसित वार्ड वह है, जहां नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिले, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता हो, नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को भटकना न पड़े, युवाओं को रोजगार और कौशल के अवसरों तक पहुंच मिले तथा महिलाएं स्वास्थ्य, कौशल और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। इसलिए मेरा पूरा विजन पांच स्पष्ट स्तंभों पर आधारित है।
पहला स्तंभ : स्वच्छ और सुरक्षित वार्ड
सड़क, जल निकासी, सफाई और रोशनी पर समन्वित फोकस
सवाल : पहले स्तंभ में आप किन मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देंगी?
डॉ. सुगंधा गोयल : सड़क, जल निकासी, सफाई और मार्ग प्रकाश व्यवस्था किसी भी वार्ड की बुनियादी जरूरतें हैं। मेरा प्रयास होगा कि इन चारों व्यवस्थाओं को अलग-अलग समस्याओं के रूप में नहीं, बल्कि एक समन्वित नागरिक व्यवस्था के रूप में देखा जाए। सड़कों की स्थिति का व्यवस्थित सर्वे, क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत आवश्यक है। जहां सड़क का काम हो, वहां जल निकासी व्यवस्था को भी साथ में देखा जाना चाहिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जाएगा। सफाई व्यवस्था में नियमित निगरानी, कचरा संग्रहण, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और खुले में कचरा डालने की समस्या पर विशेष ध्यान रहेगा। इसी तरह वार्ड की मार्ग प्रकाश व्यवस्था का सर्वे कर खराब लाइटों की मरम्मत, अंधेरे स्थानों की पहचान और आवश्यकता वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग के साथ प्रभावी संपर्क और निरंतर अनुश्रवण किया जाएगा।
दूसरा स्तंभ : स्वस्थ वार्ड
स्वास्थ्य मानचित्र, स्वास्थ्य जागरूकता, विद्यालय स्वास्थ्य और महिला-वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य
सवाल : डॉक्टर होने के नाते स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपका दृष्टिकोण क्या अलग होगा?
डॉ. सुगंधा गोयल : मेरे लिए स्वास्थ्य का अर्थ केवल बीमारी होने के बाद उपचार नहीं है। मेरा दृष्टिकोण रोकथाम, समय रहते पहचान, निरंतर अनुश्रवण, समन्वय और परिणाम पर आधारित रहेगा। इसी सोच के तहत “परिवार स्वास्थ्य जागरूकता एवं वार्ड स्वास्थ्य मानचित्र” की अवधारणा महत्वपूर्ण होगी। यह कोई सरकारी चिकित्सकीय अभिलेख नहीं होगा, बल्कि स्वैच्छिक स्वास्थ्य जागरूकता की पहल होगी। इसका उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और वार्ड की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझना होगा। वार्ड में “मोहल्ला स्वास्थ्य प्रातःकाल” जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सकता है। विद्यालयों में बच्चों की आंखों, दांतों, पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जागरूकता पर काम किया जाएगा।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, रक्ताल्पता, मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाना भी प्राथमिकता होगी। वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी वार्ड की स्वास्थ्य योजना में उचित स्थान दिया जाएगा। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले में बीमारी फैलने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से रोकथाम, जलभराव की पहचान, सफाई और मच्छर प्रजनन स्थलों की रोकथाम पर जोर रहेगा।
तीसरा स्तंभ : आसान नागरिक सेवाएं
एक दिवसीय नागरिक सहायता केंद्र, ऑनलाइन सहायता और शिकायत अनुश्रवण
सवाल : नागरिक सेवाओं को आसान बनाने के लिए आपकी क्या योजना है?
डॉ. सुगंधा गोयल : मेरी कोशिश होगी कि सामान्य नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके लिए “नागरिक सेवा सहायता डेस्क” की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। एक निश्चित दिन नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी और संबंधित विभागीय प्रक्रिया को समझने में सहायता मिल सकेगी। जन्म प्रमाण-पत्र और मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसी सेवाओं के लिए नागरिकों को प्रक्रिया और दस्तावेजों की सही जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही शिकायत दर्ज कराने के बाद उसका अनुश्रवण भी महत्वपूर्ण होगा। मेरा प्रयास केवल शिकायत आगे भेजने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी स्थिति की जानकारी लेकर समाधान तक लगातार संपर्क बनाए रखने का होगा।
चौथा स्तंभ : युवा और रोजगार
युवा रोजगार परिचय-पत्र, हुनर बैंक और कौशल एवं रोजगार शिविर
सवाल : युवाओं के लिए आपके विजन में क्या विशेष है?
डॉ. गोयल : युवा किसी भी क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। मेरा उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार की तलाश करने वाला वर्ग मानना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, कौशल और प्रतिभा को अवसरों से जोड़ना है। इसके लिए “युवा रोजगार परिचय-पत्र” की अवधारणा विकसित की जा सकती है। इसमें युवा की शिक्षा, कौशल, अनुभव, रोजगार की प्राथमिकता, प्रशिक्षण की जरूरत और स्वरोजगार की रुचि जैसी जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो।
इसके साथ “वार्ड 22 हुनर बैंक” बनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष लोगों की जानकारी स्वैच्छिक रूप से संकलित की जा सके। इससे स्थानीय हुनर को पहचान और स्थानीय स्तर पर काम के अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। रोजगार एवं कौशल शिविरों के माध्यम से युवाओं को रोजगार पोर्टल, कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता, स्वरोजगार, उद्यमिता, बैंक ऋण और रोजगार मेलों जैसी उपलब्ध व्यवस्थाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मैं रोजगार देने का दावा नहीं करती, लेकिन युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और स्वरोजगार के अवसरों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करूंगी।
पांचवां स्तंभ : सशक्त महिलाएं
स्वास्थ्य, कौशल, स्वरोजगार और वित्तीय जागरूकता
सवाल : महिलाओं के सशक्तीकरण को आप विकास के पांचवें स्तंभ के रूप में क्यों देखती हैं?
डॉ. सुगंधा गोयल : महिला सशक्तीकरण केवल किसी एक कार्यक्रम या योजना तक सीमित विषय नहीं है। महिला का स्वास्थ्य, उसका कौशल, उसकी आर्थिक समझ और उसकी आत्मनिर्भरता—ये सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता के साथ कौशल विकास, स्वरोजगार और वित्तीय जागरूकता पर काम करना जरूरी है। सिलाई, डिजिटल कौशल, ऑनलाइन व्यवसाय, घरेलू उद्योग और अन्य स्थानीय स्तर के कौशल को अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। महिलाओं को उपलब्ध सरकारी स्वरोजगार और कौशल योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें आवेदन प्रक्रिया और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने में सहायता करना भी इस स्तंभ का हिस्सा होगा। मेरा मानना है कि जब महिला स्वस्थ, कुशल और आर्थिक रूप से जागरूक होती है तो उसका प्रभाव केवल उसके परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है।
सवाल : इन पांचों स्तंभों को जमीन पर उतारने के लिए आपकी कार्यशैली क्या होगी?
डॉ. सुगंधा गोयल : मेरी कार्यशैली स्पष्ट होगी—समस्या की पहचान, प्राथमिकता तय करना, संबंधित विभाग तक विषय पहुंचाना, लगातार अनुश्रवण करना और समाधान की निगरानी करना। मैं वार्ड की समस्याओं को केवल शिकायतों की सूची के रूप में नहीं देखना चाहती। मेरा प्रयास होगा कि हर समस्या के पीछे की वास्तविक स्थिति को समझा जाए, उसके समाधान के लिए सही विभाग से समन्वय किया जाए और नागरिक को उसकी समस्या की प्रगति की जानकारी मिलती रहे। जहां निर्णय वार्ड पार्षद के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगा, वहां मेरी भूमिका समस्या को संबंधित विभाग तक पहुंचाने, उसका अनुश्रवण करने और समाधान होने तक नागरिक के साथ खड़े रहने की होगी।
सवाल : अंत में वार्ड 22 के नागरिकों से आप क्या कहना चाहेंगी?
डॉ. गोयल : मैं वार्ड 22 को केवल एक चुनावी क्षेत्र के रूप में नहीं देखती। मैं इसे एक ऐसे वार्ड के रूप में देखना चाहती हूं, जहां विकास की स्पष्ट प्राथमिकताएं हों और नागरिकों की भागीदारी के साथ काम हो। मेरे पांच स्तंभ हैं—स्वच्छ और सुरक्षित वार्ड, स्वस्थ वार्ड, आसान नागरिक सेवाएं, युवा और रोजगार तथा सशक्त महिलाएं। इन पांचों को साथ लेकर मेरा प्रयास होगा कि वार्ड 22 में विकास केवल दिखाई ही न दे, बल्कि नागरिकों को उसकी सुविधा और परिणाम भी महसूस हों।




