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Thursday, August 27, 2026, 5:40 am

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मारवाड़ में जल अमूल्य है बचत के संसाधनों को अपनाने से होगा फायदा : द्विवेदी

जल पीने का हो या सिचांई का अमृत से कम नही, वर्षा जल को संचय व बचत करना अहम है

20 जून तक आवेदन करने वाले किसान को होगा लाभ

सोहनलाल वैष्णव. बोरुंदा (जोधपुर)

कृषि एवं उद्यान विभाग में फार्म पौण्ड, सिचांई पाईपलाईन, फव्वारा, बूंद बूंद सिचांई पद्धति की विभिन्न योजनाऐं है। किसानों को इन योजनाओं का फायदा लेकर उपलब्ध सिचांई जल का खेती में कुशलतम उपयोग कर खेती को लाभकारी बनाना होगा।
कृषि एवं उद्यान विभाग में किसानों के लिए वर्षा संचय जल संग्रहण के लिए उपयोगी योजनाऐं है खेत तलाई व फार्म पौण्ड।
बरसात के दिनों में वर्षा जल खेतों से बहकर अन्यत्र चला जाता है उस जल को फार्म पौण्ड में संग्रहण कर बारानी फसलों में विशेषकर फसल की क्रान्तिक अवस्थाओं पर सिचांई कर फसल उत्पादन का वांच्छित लाभ प्राप्त किया जा सकता है। फार्म पौण्ड पर सुक्ष्म सिचांई, सिचांई पाईपलाईन एवं फव्वारा स्थापित कर संचल वर्षा जल का खेती में कुशलतम उपयोग भी किया जा सकता है। पूर्व में निर्मित जहां वर्षा अच्छी हुई वहां खेत तलाई एवं सामुदायिक फार्म पौण्ड में वर्षा संचय जल का किसानों को फायदा भी मिला। वर्षा जल संचय के लिए उपयोगी है फार्म पौण्ड योजना। बरसात का जल खेतों से बहकर अन्यत्र व्यर्थ बहकर चले जाने से बहकर जाने वाले जल से भूमि कटाव के साथ भूमि के उपजाऊ मिट्टी कणों का ह्रास भी होता है। वर्षा जल का फार्म पौण्ड में संचयन कर खेतीं सिचांई में कुशलतम उपयोग किया जा सकता है। वैसे ही भूमिगत जल गहराई में जाना-जल बचत के लिए वर्षा जल की बचत आज की आवश्यकता है। अधिक से अधिक फार्म पौण्ड को प्राथमिकता देनी चाहिए। इन योजनाओं पर कृषि एवं उद्यान विभाग से अनुदान भी मिलता है। खेतीं में सिचांई जल बचत के आधुनिक संसाधनों के उपयोग लिए किसान फव्वारा, मिनि फव्वारा, बूंद बूंद सिचांई पद्धति एवं सिचांई पाईपलाईन में ऑनलाइन आवेदन कर लाभान्वित हो सकते है। सुक्ष्म सिचांई पर भी अनुदान देय है।
इनका कहना:
बागवानी खेतीं एवं सुक्ष्म सिचांई संसाधनों के लिए ऑनलाईन आवेदन कर लाभ प्राप्त किया जाता है। माह जुलाई-अगस्त में पौधरोपण का उपयुक्त समय होता है।
रफीक अहमद कुरैशी,
सहायक कृषि अधिकारी।
सुक्ष्म सिचांई में बूंद बूंद सिचांई पद्धति, फव्वारा, मिनि फव्वारा सिचांई पद्धति खेतीं जल बचत के उपयोगी संसाधन है। नीबूं, बेर, अनार एवं खजुर नवीन बगीचा स्थापित पर भी अनुदान देय है।आँनलाइन आवेदन कर लाभान्वित हो।
डा.जीवनराम भाकर,
उपनिदेशक उद्यान जोधपुर।

मारवाड़ में वर्षा जल को संचय कर यदि खेती में उसका उपयोग होता है तो बहुत ही लाभकारी है। अपना खेत अपना पानी की कहानी चरितार्थ करनी है तो फार्म पौण्ड के लिए आज ही ऑनलाइन आवेदन कर लाभान्वित हो। फार्म पौण्ड पर 63 व 90 हजार रुपये कच्चा निर्माण और 1.20 लाख एवं 1.35 लाख रूपये पक्का निर्माण करने पर गत वर्ष के अनुसार कृषक श्रेणीवार अनुदान देय है। सिचांई पाईपलाईन मे प्रति कृषक अधिकतम 15 हजार रूपये तक अनुदान देय है। 20जून 2024तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदन को रेण्डमाईजेशन के आधार पर लाभान्वित किया जायेगा। अब तक ऑनलाइन आवेदन कर रखा है वह किसान भी इसमें सम्मिलित रहेगे। आज ही आँनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर लाभान्वित योजना में सामिल हो।
ब्रजकिशोर द्धिवेदी,
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जोधपुर।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor