Explore

Search

Tuesday, August 25, 2026, 8:00 am

Tuesday, August 25, 2026, 8:00 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

स्वामी ईश्वरानन्द गिरि महाराज श्रीविग्रह प्रतिष्ठा हवन 17 से

शिला पर विराजित आदमकद मूर्ति संवित धाम पहुंची

भरत जोशी. जोधपुर

जोधपुर। दईजर लाछा बासनी स्थित संवित धाम आश्रम में परमहंस संविदाचार्य स्वामी ईश्वरानन्द गिरि महाराज की आदमकद मूर्ति श्रीविग्रह की प्राण प्रतिष्ठा 19 अप्रैल को प्रातः 10 बजे होगी। श्रीविग्रह प्रतिष्ठा के लिए तीन दिवसीय हवन 17 जुलाई को प्रारंभ होगा। संत सरोवर सोमाश्रम अर्बुदाचल के अधिष्ठाता स्वामी संवित नारायण गिरि महाराज के सानिध्य में होने वाले प्रतिष्ठा समारोह के लिए अनेक संत महात्मा और देश विदेश के साधक जोधपुर पहुंच रहे है। संवित साधनायन संस्थान की अध्यक्षा रानी उषा देवी के निर्देशन में होने वाले प्रतिष्ठा हवन के मुख्य आचार्य अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास है। जबकि महेश हर्ष, महेश जोशी और रोहित सोनी हवन में सहयोग कर रहे है। स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज की शिला पर बैठी आदमकद मूर्ति संवित धाम जोधपुर पहुंच गई है।

संवित साधनायन संस्थान के उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र सिंघल और डा सी एस कल्ला ने बताया कि तीन दिवसीय प्रतिष्ठा हवन का शुभारंभ 17 जुलाई को संकल्प दिवस के रूप में होगा। प्रातः पूर्व प्रायश्चित हवन, गणपति आदि पीठ पूजन होगा। दोपहर 3 बजे अग्नि स्थापन और गणपति आदि पीठ पूजन होगा। श्रीविग्रह प्रतिष्ठा हवन के प्रधान यजमान अमेरिका निवासी शैला व्यास और अशोक व्यास, सह प्रधान यजमान दुर्गा पुरोहित और संतोष पुरोहित है जबकि मुख्य यजमान हेमलता जोशी और भरत जोशी है। प्रतिष्ठा हवन के पहले दिन प्रधान पीठ पूजन, सप्तमातृका पीठ, गणपति पीठ, वास्तु पीठ, योगिनी पीठ, क्षेत्रपाल पीठ, नवग्रह पीठ और रुद्र कलश पीठ की स्थापना और उनकी पूजा की जायेगी ।

संस्थान के श्यामकिशन बोहरा और रामराज पुरोहित ने बताया कि 18 जुलाई को श्रीविग्रह हवन दिवस पर प्रातः वैदिक मंत्रों से घृत और औषधियों से गुरु हवन होगा। उसी दिन रात 8 बजे मूर्ति को धान में विराजित कर अन्नाधिवासन और शय्यधिवासन कराया जायेगा। 19 जुलाई को प्रातः 8 बजे मूर्ति का उत्थापन्न और संत महात्माओं द्वारा न्यास और विशिष्ठ न्यास अभिषेक होगा। प्रातः 10 बजे श्रीविग्रह की प्राण प्रतिष्ठा श्रीसंवित गुरु मंदिर में होगी और दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में श्रीविग्रह प्रतिष्ठा हवन की पूर्णाहुति होगी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor