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Friday, July 10, 2026, 6:20 pm

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राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत कुल 16 बैचों का गठन कर किया विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण

शिव वर्मा. जोधपुर
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जोधपुर जिला विक्रान्त गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को जोधपुर जिला न्यायक्षेत्र में जोधपुर जिला मुख्यालय पर स्थित समस्त न्यायालयों में एवं न्यायक्षेत्र की तालुकाओं यथा फलौदी, बिलाड़ा, पीपाड़ शहर, बालेसर, ओसियां तथा बाप, लोहावट, भोपालगढ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जोधपुर जिला न्यायक्षेत्र के राजीनामा योग्य समस्त प्रकृति के लम्बित प्रकरण, प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व मामले एवं जनोपयोगी सेवाओं व पांच वर्ष व दस वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों का निस्तारण भी किया गया।
जिला मुख्यालय जोधपुर जिला पर 03 और तालुकाओं में उपखण्ड न्यायालयों सहित कुल 16 बैचों का गठन किया गया। जिला मुख्यालय पर स्थित न्यायालयों में लम्बित राजीनामे योग्य प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशिष्ट न्यायाधीश, पॉक्सो न्यायालय, जोधपुर जिला अनिल आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला श्रीमती करूणा शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. मनीषा चौधरी की अध्यक्षता में बैंचों का गठन किया गया । जिसमे बैच के सदस्य के रूप में अधिवक्ता क्रमशः जुगल किशोर, श्रीमती श्वेता अग्रवाल व रामप्रकाश प्रजापत उपस्थित रहे। अनिल आर्य की अध्यक्षता में गठित बैंच में जनोपयोगी सेवाओं से सम्बन्धित स्थाई लोक अदालत जोधपुर जिला के प्रकरणों को भी निस्तारण के लिये सम्मिलित किया गया। सभी बैंचों द्वारा पक्षकारों को लोक अदालत में प्रकरणों के निस्तारण से होने वाले लाभ बताते हुए समझाइश की गई व प्रकरणों का निस्तारण राजीनामें से किया गया। सचिव डॉ. मनीषा चौधरी ने बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों को शीघ्र व सुलभ न्याय मिलता है। लोक अदालत में होने वाले राजीनामे की कोई अपील नहीं होती व सिविल कोर्ट के आदेश की तरह पालना होती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिवक्तागण, पक्षकारगण, कर्मचारीगण एवं सभी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण ने अपनी सकारात्मक भागीदारी दर्ज करवाते हुए राजीनामे से प्रकरणों का निस्तारण करवाने के लिए सहयोग प्रदान किया गया। प्राधिकरण अध्यक्ष  विक्रान्त गुप्ता ने बताया कि लोक अदालत के अवसर पर अधिवक्ताओं, पक्षकारों, विभागों एव बैंक व वित्तीय संस्थाओं के पदाधिकारियों, कर्मचारियों का उत्साह देख कर अत्यन्त प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि अधिवक्तागण एवं पक्षकार स्वयं ही लोक अदालत की प्रेरणा से आगे आये हैं एवं अपने प्रकरणों का निस्तारण करने का अनुरोध किया गया है। इस प्रकार से राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का राजीनामा से निस्तारण किये जाने का प्रयास सफल होता प्रतीत हो रहा है। इस अवसर पर बावडी शाखाओं से जो.वि.वि.नि.लि. से मनोहर जाट, आर.एम.जी. बी. से महेन्द्र कुमार सैनी व तेजाराम, एसबीआई बैंक से अंजित कुमार व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 159216 प्रकरणों का किया गया निस्तारण

जोधपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश, जोधपुर महानगर चन्द्रशेखर शर्मा की अध्यक्षता में वर्ष 2024 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जोधपुर महानगर न्यायक्षेत्र में किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर महानगर के सचिव पुखराज गहलोत ने बताया कि जोधपुर महानगर न्यायक्षेत्र में वर्ष 2024 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन शनिवार को किया गया, जिसमें न्यायालयों, राजस्व न्यायालयों तथा स्थाई लोक अदालत से सम्बन्धित विभिन्न श्रेणी के राजीनामा योग्य लम्बित 48066 प्रकरणों तथा प्रि-लिटिगेशन में प्राप्त 152666 प्रकरणों, कुल 200732 प्रकरणों को रखा गया।
 
जोधपुर महानगर न्यायक्षेत्र में न्यायालयों के लंबित प्रकरण, स्थाई लोक अदालत के प्रकरण व राजस्व मामलों के कुल 12233 प्रकरणों का लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया गया तथा 48 करोड़ 21 लाख 33 हज़ार 596 रूपये अवार्ड राशि पारित की गई। इसके अतिरिक्त प्रि-लिटिगेशन के कुल 146983 प्रकरण निस्तारित किए गए तथा 35 करोड़ 59 लाख 23 हज़ार 145 रूपयें अवार्ड राशि पारित की गई। यह वे प्रकरण हैं जो न्यायालयों में संस्थित होने से पूर्व निस्तारित हो चुके हैं। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में चैक अनादरण से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट के 1824 प्रकरणों का निस्तारण आपसी समझाईश एवं राजीनामे के माध्यम से किया गया तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में 10 वर्ष एवं उससे अधिक पुराने 106 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
 
इसी क्रम में इस प्राधिकरण द्वारा गठित बैंच संख्या 01 के अध्यक्ष राकेश रामावत, पीठासीन अधिकारी, अपर जिला एवं सैशन न्यायालय संख्या 04, जोधपुर महानगर, जोधपुर एवं सदस्य सुषमा धारा द्वारा अपर जिला एवं सैशन न्यायालय संख्या 06, जोधपुर महानगर, जोधपुर में दीवानी मूलवाद संख्या 52/2013 (एनसीवी नं. 14534/2014) वसीयतनामा निरस्तीकरण से संबंधित प्रकरण तथा उन्हीं पक्षकारों का अपर जिला एवं सैशन न्यायालय, संख्या 02, जोधपुर महानगर, जोधपुर में दीवानी वाद संख्या 93/2013 जायदाद बंटवारे से संबंधित प्रकरण जो कि पिछले 10 वर्ष से अधिक समय से न्यायालय में लंबित थे, में दोनों पक्षकारों के मध्य राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से सुलह एवं समझौता वार्ता कर राजीनामा करवाकर प्रकरणों का निस्तारण करवाया गया।
 
चिन्हित प्रकरणों में राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से निस्तारण के लिए कुल 9 बैंचों का गठन किया गया। जिनमें 7 बैंच न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के लिए गठित की गई। जिसमें पारिवारिक न्यायालयों व वाणिज्यिक न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों के लिये 1 बेंच का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता दलपत सिंह राजपुरोहित, पीठासीन अधिकारी पारिवारिक न्यायालय संख्या 3, जोधपुर महानगर द्वारा की गई तथा एमएसीटी न्यायालयों, श्रम व औद्योगिक न्यायालय से संबंधित प्रकरणों के लिये 1 बेंच का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता  बुलाकी दास व्यास, पीठासीन अधिकारी एमएसीटी न्यायालय, जोधपुर महानगर द्वारा की गई।
 
शेष गठित 2 बेंचों में से राजस्व न्यायालयों से सम्बन्धित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 1 बैंच का गठन किया गया, जिसमें  सिद्धेश्वर पुरी, सेवानिवृत जिला न्यायाधीश संवर्ग को न्यायिक अधिकारी सदस्य एवं दीप्ती शर्मा, एडीएम संख्या 01 को राजस्व अधिकारी सदस्य मुकर्रर किया गया तथा स्थायी लोक अदालत, जिला उपभोक्ता मंच प्रथम व द्वितीय तथा प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों की सुनवाई के लिए 1 प्रि-लिटिगेशन बैंच का गठन किया जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव  पुखराज गहलोत द्वारा की गई। जोधपुर महानगर न्यायक्षेत्र के सभी न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण, सदस्यगण द्वारा इस पुनित कार्य को टीम भावना से संपादित किया गया। इसमें अधिवक्ता वर्ग, बीमा कंपनियां व बैंकों का भी काफी सराहनीय सहयोग रहा।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 206 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

जोधपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष, राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जोधपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2024 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन राजस्थान उच्च न्यायालय भवन, जोधपुर में शनिवार को किया गया।
राज. उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव अजीज खान ने बताया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर माननीया न्यायाधिपति रेखा बोराणा ने कहा कि लोक अदालत में कोई पक्ष और विपक्ष नहीं होता है दोनों सिर्फ पक्षकार के रूप में होते हैं और इसका ध्येय सिर्फ समझौता और सुलह, सुलह भी आपसी रजामंदी से यह जो रजामंदी की भावना ही लोक अदालत को जनअदालत बनाती है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए माननीय उच्च न्यायालय में 5 बैंचों का गठन किया गया। जिसके तहत बैंच संख्या 1 में माननीया न्यायाधिपति रेखा बोराणा बतौर अध्यक्ष एवं अधिवक्ता पंकज रविन्द्र मेहता, सदस्य, बैंच संख्या 2 में  न्यायाधिपति कुलदीप माथुर, अध्यक्ष एवं अधिवक्ता विनय जैन, सदस्य, बैंच संख्या 3 में न्यायाधिपति डॉ० नूपुर भाटी, अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश जोशी, सदस्य, बैंच संख्या 4 में माननीय न्यायाधिपति राजेंद्र प्रकाश सोनी, अध्यक्ष एवं अधिवक्ता महावीर बिश्नोई, सदस्य, बैंच संख्या 5 में न्यायाधिपति  योगेन्द्र कुमार पुरोहित, अध्यक्ष एवं अधिवक्ता  शरद कोठारी ने बतौर सदस्य सुनवाई कर पक्षकारान के मध्य समझाइश करवाकर विभिन्न प्रकृति के कुल 206 प्रकरणों का निस्तारण कर 5,62,99,004 राशि के अवार्ड पारित किए गए।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor