सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)
अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार खंड जोधपुर डा. जी.आर. मटोरिया के निर्देशन में खंड स्तरीय कृषि विशेषज्ञों का दल ने जिले के विभिन्न कृषि क्षेत्र का निरीक्षण कर किसानों को पौध संरक्षण की दी उपयोगी जानकारी। दल में डॉ. नारायणलाल डांगी सह आचार्य कीट विज्ञान कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, वंशीधर रेगर डिप्टी डायरेक्टर एटीसी रामपुरा एवं राजेश भंवाल कृषि अधिकारी सामान्य कृषि रैपिड रॉबिन सर्वे टीम द्वारा संयुक्त रूप से रैपिड रॉविंग सर्वे हेतु जिले के विभिन्न गांवों में खरीफ की फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं व्याधियों हेतु रैपिड रॉबिन सर्वे किया गया। अभी वर्तमान में कपास में फूल आने की अवस्था हो रही है जिस पर पिंक बॉल वर्म का संक्रमण होने की संभावना है एवं रस चूसक कीट, बाजरा में ग्रे- विविल इत्यादि का प्रकोप पाया गया। रस चूसक कीड़ों के प्रबंधन के लिए इमिडेक्लोपरीड एक मिलीलीटर प्रति 3 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव एवं गुलाबी सुंडी के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करने की सलाह दी जाती है।




