युवा शक्ति जागो रे…
जागो- जागो, जागो रे जागो
सेवा का हथियार हाथ में
“मुझको नहीं तुझको “के नारे से
दुखियों के दुःख दर्द को मिटाना है
जागो-जागो, जागो रे जागो….
पर पीड़ा को मिल मिटाएंगे
एक दूजै के सहारे से आगे बढ़ना है
कष्ट ना पाए कोई दुखियारा
आओ अपने हाथों से देश बनाना है
जागो-जागो, जागो रे जागो….
बच्चा-बच्चा समझे अपनी जिम्मेदारी
गांव-गली में अनपढ़ रहे न कोई
शिक्षा की अलख जगाने को
आओ मिलकर ज्योत से ज्योत जलाएं ।
जागो-जागो, जागो रे जागो…
जन-जन को राष्ट्र हित में आना है
कुरीतियों को मिल जड़ से मिटाना है
विकास की गंगा बहाने की खातिर
बस्ती-बस्ती सेवा की अलख जगाना है
जागो-जागो, जागो रे जागो….
अपनी ताकत को तुम पहचानो
आओ सेवा की मशाल जलाएं
युवा-शक्ति के हाथों देश बदलने
जागो देश के युवा-युवती जागो
जागो-जागो, जागो रे जागो…।
मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ “
मो. 9680868028




