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Thursday, July 9, 2026, 6:03 am

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साहित्य संस्कारवान होता है : डॉ. जगाणी

दी थार हेरिटेज म्यूजियम में डॉ. ओमप्रकाश भाटिया के उपन्यास पीली परतों के पार का लोकार्पण

डी.के. पुरोहित. जैसलमेर

जैसलमेर के 869वे स्थापना दिवस पर दी थार हेरिटेज म्यूजियम में मरू लोक संस्कृति एवं संरक्षण विषय पर विचार गोष्ठी एवं डॉ ओम प्रकाश भाटिया के उपन्यास “पीली परतों के पार ” का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद डॉ. बालकिशन जगाणी ने कहा कि साहित्य संस्कारवान होता है तथा आने वाली पीढ़ियां इससे प्रेरणा लेती है।डॉ जगाणी ने भाटिया के उपन्यास का सामाजिक एवं राजनीतिक विश्लेषण किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी उम्मेद सिंह तंवर ने कहा कि जैसलमेर की लोक संस्कृति बेजोड़ है आज इसके संरक्षण की आवश्यकता है उन्होंने जिले में साहित्य की ज्योत जगाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि रतन सिंह भाटी ने गड़ीसर तालाब पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मौलिक स्वरूप अक्षुण रखना है। विशिष्ट अतिथि चंद्र प्रकाश शारदा ने कहा कि जैसलमेर की लोक संस्कृति दर्शनीय है और इसके संरक्षण की अति आवश्यकता है। इस अवसर पर समाजसेवी मुरलीधर खत्री ने जैसलमेर के बदलते हुए परिवेश पर प्रकाश डाला। इतिहासवेत्ता ऋषि दत्त पालीवाल ने जैसलमेर की संस्कृति पर व्याख्यान दिया तथा भाटिया की पुस्तक को ऐतिहासिक महत्व की बताया।

वरिष्ठ शिक्षक प्रदीप गर्ग ने भाटिया के उपन्यास के बारे में पत्र वाचन करते हुए कहा कि उपन्यास में पिछले 70 वर्षों में आए सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक जीवन का सटीक लेखन है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नाथूराम गर्ग ने कहा कि जैसलमेर के औरण एवं पर्यावरण के संरक्षण की आवश्यकता है । समाजसेवी सुशील व्यास ने कहा कि जैसलमेर की लोक संस्कृति पर्यटन का आधार है। हैंडीक्राफ्ट संगठन के सचिव लक्ष्मीनारायण श्रीमाली ने कहा कि हमें संस्कृति संरक्षण के लिए जागरूक होना पड़ेगा तथा नई पीढ़ी को शिक्षित करना पड़ेगा।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश हर्ष ने कहा कि हमें हमारे तालाब कुए को सुरक्षित करना चाहिए। प्रारंभ में अतिथियों ने राजा जैसल के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा दीप प्रज्वलित किया। अंत में संग्रहालय के संस्थापक लक्ष्मीनारायण खत्री ने कार्यक्रम में योगदान के लिए पर्यटन विद जितेंद्र सिंह राठौड़ का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन हास्य कवि गिरधर भाटिया ने किया।

इस अवसर पर रूप किशोर खत्री , प्रेमजी जिनगर ,विक्रम सिंह ,बाबू दान चारण ,भूराराम सुथार जयनारायण भाटिया,मोहम्मद रफीक ,मुकेश पवार जगजीवन भाटिया, घनश्याम भाटिया,राजू सिंह राहड़,अमृत प्रजापत ,आनंद जगानी , मुकेश हर्ष ,जुगल किशोर भाटिया ,शंकर खत्री,घनश्याम खत्री गणपत सुथार ,रमेश महेश्वरी,इत्यादि उपस्थित थे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor