Explore

Search

Sunday, August 23, 2026, 7:38 am

Sunday, August 23, 2026, 7:38 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

तपस्या करने से होती है कर्मों की निर्जरा : साध्वी कारुण्य लता

सामूहिक क्षमा याचना में तपस्वियों का बहुमान किया, कर्त्तव्यों का सीधा चश्मा नाम से नाट्य प्रस्तुति

शिव वर्मा. जोधपुर 

खेरादियों का बास स्थित राजेन्द्र भवन में पर्युषण पर्व संपन्न होने पर सामूहिक क्षमा याचना का कार्यक्रम आयोजित किया। सुबह की शुरुआत मंदिर का द्वार खोलने का कार्यक्रम से हुआ, जिसका लाभ कमला देवी हस्तीमल भंडारी परिवार ने लिया। इस चातुर्मास व पर्युषण पर्व के दौरान सिद्धी तप, मोक्ष दंड तप, आठ दिन, तीन व दो दिन के उपवास और आठ आयंबिल,आठ एकासना, पौषध की तपस्या करने वालों का पारणा व सभागृह में बहुमान किया गया। संघ सदस्य सुरेश लूँकड़ ने बताया कि चातुर्मास अवधि में 92 तपस्वियों का बहुमान किया गया।

इस अवसर पर साध्वी कारुण्य लता ने कहा कि आगमों में तप की महिमा बताई है, जो तपस्वी का अनुमोदन करता है, वह भी निर्जरा करता हैं। समस्त तपस्वियों ने मन को मजबूत रखकर तप में आगे बढ़ते गए और अपनी काया को निर्मल बनाने का प्रयास किया। मोक्ष की अभिलाषा होगी तो ही उग्र तपस्या होगी।

कार्यक्रम में श्रेष्ठ श्रावक के ग्यारह कर्तव्य संघ पूजा, साधर्मिक भक्ति, तीर्थ यात्रा, स्नात्र महोत्सव, देव द्रव्य ज्ञान, महापूजा, रात्रि जागरण, श्रुत पूजा, उजमना, तीर्थ प्रभावना व आलोचना है का कर्त्तव्यों का सीधा चश्मा नाम से नाट्य प्रस्तुति कर य़ह दर्शाया गया कि वर्ष में इसे एक बार अपनी क्षमता अनुसार अवश्य करना ही चाहिए। दो घंटे से अधिक समय चले इस नाट्य प्रस्तुति में 38 संघ सदस्यों ने भाग लिया। शिखा सिंघवी, प्रिया चंडालिया, मुस्कान सेठ के निर्देशन में तनिष्का सेठ, डॉली भण्डारी ने मुख्य किरदार की भूमिका निभायी । मंच का संचालन दिलीप लूँकड़, प्रवीण मेहता ने किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor