जय श्री वल्लभ – जब ब्रह्मांड ने ताश की गड्डी में रूप लिया: सांवरिया के साथ खेलो ताश, रचो ईश्वर का संवाद
राखी पुरोहित, एडिटर इन चीफ राइजिंग भास्कर “वल्लभ श्याम ताश मिल खेलो सांवरिया, जिसमें बादशाह बनवारी, जिसमें बेगम राधा प्यारी…” जब यह पद गूंजता है, तो लगता है जैसे किसी मंदिर में घंटियां नहीं, ब्रह्मांड की परतें खुल रही हैं। यह कोई साधारण भजन नहीं, बल्कि एक ऐसा दार्शनिक रहस्य है जिसमें ताश के पत्तों … Read more