डी के पुरोहित. अहमदाबाद
मैं तेरे लिए सब छोड़ दूंगा…”
कहते हैं प्यार में किया गया एक वादा, जब टूटता है तो ज़िंदगी ही बिखर जाती है। लेकिन जब उस बिखराव की कीमत 270 जानों की मौत हो — तो यह सिर्फ एक निजी त्रासदी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आपदा बन जाती है।
हम बात कर रहे हैं अहमदाबाद विमान हादसे की जिसमें 270 यात्रियों की मौत हो गई और भारत का सिविल एविएशन इतिहास एक बार फिर कठघरे में खड़ा हो गया।
लेकिन यह हादसा क्यों हुआ?
सरकार, एविएशन मंत्रालय और डीजीसीए की संयुक्त जाँच अभी किसी आधिकारिक निष्कर्ष तक नहीं पहुँची है, लेकिन राइजिंग भास्कर को जो जानकारी अंदरूनी सूत्रों से मिली है — वह केवल तकनीकी नहीं, भावनात्मक विस्फोट की कहानी है।
यह कहानी है एक अनुभवी, समर्पित और शांत पायलट की — जो बाहर से प्रोफेशनल था, लेकिन अंदर से टूटा हुआ प्रेमी।
कैप्टन सुमित सभरवाल: उड़ानों से अधिक अपने पिता के लिए समर्पित
सुमित सभरवाल ने तय कर लिया था कि वे जल्दी रिटायर होकर शादी कर लेंगे और घर पर भी ध्यान देंगे. उन्होंने अपने पिता से वादा किया था कि 2025 के अंत तक वे नौकरी छोड़ देंगे और पूरा समय उनके साथ बिताएंगे। उनके साथी उन्हें “शांत, विनम्र और अत्यधिक अनुशासित” पायलट कहते थे।
उनके रिकॉर्ड में 8300 घंटे की उड़ान थी — जो किसी भी कमर्शियल एयरलाइंस पायलट के लिए गर्व की बात मानी जाती है।
अचानक मोहब्बत की दस्तक: तनिष्का का आगमन
राइजिंग भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल नवंबर में कैप्टन सभरवाल की मुलाकात 29 वर्षीय तनिष्का से हुई थी। तनिष्का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं.
दोनों की पहली मुलाकात एक एयरलाइन इवेंट में हुई थी जहाँ तनिष्का अपने भाई के साथ आई थीं, जो एक जूनियर पायलट था। वहीं से बातचीत शुरू हुई और जल्द ही दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए।
सभरवाल के करीबी मित्रों का कहना है कि “सुमित ने पहली बार किसी लड़की को लेकर गंभीरता दिखाई थी… वो बदल गए थे… उनमें एक तरह की नई ऊर्जा थी।” लेकिन लड़की के बारे में अधिक कुछ नहीं बताया.
गुपचुप सगाई और दिसंबर की तय शादी
जनवरी में ही दोनों परिवारों की सहमति के बिना एक निजी समारोह में दोनों ने गुपचुप सगाई कर ली थी। शादी दिसंबर में होनी थी, और सभरवाल ने कुछ करीबी दोस्तों को भी इस बात की जानकारी नहीं दी थी।
वो अपने भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित थे। उन्होंने एयर इंडिया एक्सप्रेस से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजना भी तलाशनी शुरू कर दी थी, ताकि शादी के बाद वह अपनी जीवनशैली को बदल सकें।
शादी से इंकार: जब सब कुछ टूट गया
लेकिन तनिष्का ने बिना कोई ठोस कारण बताए शादी से इनकार कर दिया।
सभरवाल स्तब्ध रह गए। वे कई बार तनिष्का से मिलने की कोशिश करते रहे लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। फोन कॉल्स ब्लॉक कर दिए गए थे। गौर तलब हैं कि उनका फ़ोन भी विमान हादसे में नष्ट हो गया अन्यथा हादसे और अफेयर के बारे में जानकारी मिल सकती थी. अब इस एंगल से जाँच की जा रही हैं.
सभरवाल ने इस आघात को किसी के साथ साझा नहीं किया। लेकिन मन ही मन वह अंदर ही अंदर टूट चुके थे।
हादसे से दो दिन पहले…
हादसे से दो दिन पहले की बात है। सभरवाल ने टेंशन में घर वालों से बात करना छोड़ दिया था. अपने रूम टक सीमित हो गए थे. उसके मन में तरह तरह के विचार चल रहे थे. सभरवाल ने आत्महत्या तक की सोच ली थी. कारण चाहे कुछ भी हो सरकार और जाँच एजेंसियो को इस दिशा में जाँच करनी होगी.








