राखी पुरोहित. जोधपुर
शास्त्री नगर क्षेत्र में सखी सहेली ग्रुप द्वारा तेरह धान उत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। यह उत्सव विशेष रूप से शुक्ल पक्ष की तेरस के दिन मनाया जाता है, जिसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।
इस अवसर पर महिलाओं ने भारतीय ग्रामीण संस्कृति, स्वास्थ्यवर्धक खान-पान और ग्रीष्म ऋतु के विशेष आहार को प्रमुखता दी। श्रीमती माया माथुर ने बताया कि तेरह धान उत्सव केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जहां वे अपनी परंपराओं को संजोते हुए आपसी प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाती हैं।
तेरह धान उत्सव में विशेष रूप से रागी, गेहूं, सोयाबीन, चना, बाजरा, मूंग, जौ, मक्का सहित विभिन्न पारंपरिक अनाजों से बने पौष्टिक व्यंजन तैयार किए गए। साथ ही तेरह प्रकार की सब्जियों का भी विशेष महत्व रहा, जिनमें मूली, पालक, धनिया, पोदीना, आलू, पत्ता गोभी, गोभी, काचरा, फली, टिंडसी, मेथी, तोरू, टमाटर, मिर्ची, लौकी आदि शामिल रहे।
इन पारंपरिक अनाजों और सब्जियों से बने व्यंजन न केवल स्वादिष्ट रहे, बल्कि ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी भी माने जाते हैं।महिलाओं ने बताया कि ऐसे भोजन शरीर को शीतलता, ऊर्जा और प्राकृतिक पोषण प्रदान करते हैं तथा ग्रामीण जीवनशैली में इनका विशेष महत्व है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में लोकगीत, लोकनृत्य, हाऊजी खेल प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उत्सव को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर शोभा आंचलिया, श्वेता माथुर, रंजीता माथुर, गरिमा माथुर, मीना बंसल, ममता लोहिया, संतोष गुरिया, वीणा धनाढ्या, नीना माथुर एवं मधु सिंघल सहित अनेक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया। अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र की कई गणमान्य महिलाएँ एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।







