Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 8:14 am

Thursday, July 9, 2026, 8:14 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

नाचीज बीकानेरी की बाल कविता

झूलेंगे झूले…

घर-घर गांव – गली झूलेंगे झूले ।
नन्नी-नन्नी प्यारी-प्यारी बेटियां ।।

झूलों के संग बारी-बारी झूलें ।
हंसती-गाती छोटी-मोटी बेटियां ।।

पेड़- चौपाल पर सजेंगे ये झूले ।
मस्त-मस्त सी इतराती बेटियां ।।

पापा-मम्मी घर-आंगन बांधे झूले ।
रिमझिम के संग नाचे गाए बेटियां ।।

सावन की फुव्वारों के आनंद ले झूलें ।
कभी खड़े-बैठे संग-संग झूले बेटियां ।।

मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी
मो- 9680868028

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor