झूलेंगे झूले…
घर-घर गांव – गली झूलेंगे झूले ।
नन्नी-नन्नी प्यारी-प्यारी बेटियां ।।
झूलों के संग बारी-बारी झूलें ।
हंसती-गाती छोटी-मोटी बेटियां ।।
पेड़- चौपाल पर सजेंगे ये झूले ।
मस्त-मस्त सी इतराती बेटियां ।।
पापा-मम्मी घर-आंगन बांधे झूले ।
रिमझिम के संग नाचे गाए बेटियां ।।
सावन की फुव्वारों के आनंद ले झूलें ।
कभी खड़े-बैठे संग-संग झूले बेटियां ।।
मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी
मो- 9680868028



