आंखों में पानी हो…कोई महादानी हो…तभी होती है आंखें दान…ट्रेन के सफर से शुरू हुई एक कहानी, कैसे? जानिए राजेंद्र जैन से राइजिंग भास्कर का विशेष इंटरव्यू
“आंखों की रोशनी से रौशन हो जीवन, मृत्यु के बाद भी अपनी आंखों से देखिए मानवता का उजास” दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित. जोधपुर 8302316074 diliprakhai@gmail.com दोपहर के 4 बजे रहे थे। अगस्त की तेज धूप टैक्सी की खिड़की से चेहरे पर पड़ रही थी, लेकिन भीतर का माहौल… किसी फिल्मी सीन जैसा। “तेरी आंखों … Read more