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Friday, July 10, 2026, 3:01 am

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Lifestyle

बढ़ते वायु प्रदूषण और कंपकंपाती ठंड की वजह से श्वांस संबंधी समस्याएं

समस्या: आदरणीय डाक्टर साहब जोहार, वर्तमान में बढ़ते वायू प्रदूषण और कंपकंपाती ठंड की वजह से स्वास संबंधी समस्याएं बढ़ रही है जैसे चेस्ट कन्जेशन, पसलियों में दर्द, मुंह से बलग़म का निकलना,और अस्थमा जैसी बीमारियों का बढ़ता ग्राफ जन मानस को परेशान करे है , यदि आप उचित समझें तो इस समस्या के समाधान और निदान हेतु सामग्री जन जागरण हेतु सुझा सकें तो मेहरबानी होगी. सादर. नेत्र पाल सिंह, पटपड़गंज, दिल्ली ९२ WA No.: 9873721088

समाधान By Adiwasi Tau WA No.: 8561955619, 18.01.25
आदरणीय आपने इस जरूरी ज्वलंत विषय पर मुझे लिखने का अवसर दिया। इसके लिए आपका आभार।
श्वांस संबंधी समस्याओं का समाधान और निदान हेतु सुझाव:
1. सामान्य सलाह:
1. ठंड से बचाव: गर्म कपड़े पहनें, सिर और छाती को ढककर रखें।
2. प्रदूषण से बचाव: घर से बाहर मास्क लगाकर निकलें, सुबह की धुंध में व्यायाम से बचें।
3. हवादार जगह पर रहें: घर में एयर प्यूरीफायर या हरे पौधों का उपयोग करें।
4. पर्याप्त पानी पिएं: बलग़म को पतला करने में मदद करता है।

2. देशी जड़ी-बूटियां:
1. मुलेठी (Licorice): 1/2 चम्मच मुलेठी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर दिन में 2 बार लें। बलग़म कम करता है और श्वास नलियों को खोलता है।
2. अड़ूसा (Adhatoda vasica): इसकी पत्तियों का रस या काढ़ा (1-2 चम्मच) श्वास संबंधी समस्याओं में उपयोगी है।
3. तुलसी (Holy Basil): 5-7 तुलसी के पत्ते, अदरक और शहद मिलाकर चाय बनाएं।
4. हल्दी और काली मिर्च: हल्दी दूध में एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर रात में सेवन करें।
5. पिप्पली (Long Pepper): इसका चूर्ण (1 ग्राम) शहद के साथ सुबह-शाम लें।

3. होम्योपैथिक दवाइयां: (लक्षणों के आधार पर उपयोग करें, होम्योपैथ डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है)
1. Antimonium Tartaricum 30: बलग़म अधिक हो और खांसने में दिक्कत हो।
2. Bryonia Alba 30: चेस्ट कंजेशन और पसलियों में दर्द हो।
3. Arsenicum Album 30: ठंड और प्रदूषण से अस्थमा बढ़े।
4. Ipecacuanha 30: लगातार बलग़म के साथ घुटन महसूस हो।
5. Blatta Orientalis 6/30: पुरानी अस्थमा की समस्या में।

4. अन्य सुझाव:
1. भाप लें (गर्म पानी में अजवाइन डालकर)।
2. सोने से पहले गुड़ के साथ अदरक का सेवन करें।
3. वायू प्रदूषण वाले समय में घर में ही व्यायाम करें।

नोट: रोगी के व्यक्तिगत लक्षण और स्थिति के अनुसार दवाओं का चुनाव करें।

निवेदन: उक्त समाधान आपको और अन्य पाठकों को उपयोगी प्रतीत हुआ है तो प्लीज अपनी प्रतिक्रया लिखें और इसे अपनाकर ग्रुप में अपने अनुभव लिखें और दूसरों को शेयर करें।

जोहार।
लेखक: Adiwasi Tau. WA No.: 85-619-55-619. Homeopath, Herbalist, Biochemic and Bach Flower Remedies Practitioner. निरोगधाम (जैविक जड़ी-बूटी उत्पादन एवं वितरण केंद्र), जयपुर, राजस्थान। 18.01.2025

प्रस्तुतकर्ता: पारस शर्मा, जोधरपुर, राजस्थान, मोबाइल: 93514 48065

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor