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Sunday, July 12, 2026, 4:12 am

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : भारत के लिए ईश्वर का वरदान

विदेशों में जब मोदी आत्मविश्वास के साथ भाषण देते हैं तो लगता है पूरा इंडिया स्वाभिमान के साथ सिर उठाकर बोल रहा है।

मोदी का कोई जवाब नहीं है। आज के दौर में मोदी जैसा कोई वक्ता नहीं है। मोदी जैसा कोई दृष्टा नहीं है। मोदी जैसा कोई चिंतक नहीं है। मोदी जैसा कोई विश्वनीय नहीं है। मोदी जैसा कोई देवता नहीं है। मोदी जैसा कोई चमत्कारी पुरुष नहीं है।

मोदी इस देश का भविष्य भी है और वर्तमान भी। मोदी ने इस देश को त्राण दिया है। मोदी ने वो कर दिखाया है जो आज तक नहीं हुआ।

मोदी का राजनीतिक पटल पर उभरना अकस्मात नहीं हुआ। इसके पीछे उनकी लगन, निष्ठा, समर्पित भावना और देशभक्ति का जुनून है।

डीके पुरोहित. जोधपुर

भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईश्वर का वरदान है। ऐसे व्यक्ति का भारत भूमि पर पदार्पण ऐसे दौर में हुआ है जब सारा देश अंग्रेजी दास्तां के दौर में जी रहा है। मोदी ने भारत की नई तकदीर लिखी है और अंग्रेजी कानूनों से मुक्ति दिलाकर एक नए भारत की कहानी लिखी है जिसे इतिहास कभी भुला नहीं पाएगा। ऐसे व्यक्ति धरती पर बार-बार जन्म नहीं लेते। मोदी ने अपनी तेज तर्रार राजनीति से कृष्ण की तरह चतुराई दिखाते हुए पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाया है। इतिहास और खासकर युवा पीढ़ी मोदी की ऋणी है जिसने भारत के युवाओं को स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है।

मोदी के हाथों में देश ना केवल सुरक्षित है वरन हम ताे यही चाहते हैं कि जब तक मोदी जिंदा हैं, वे ही देश के प्रधानमंत्री रहें। मोदी ने इस देश के करोडों युवाओं को नई दिशा दी है। वे युवाओं की आशा का केंद्र है। मोदी ने अपने विजन से देश को आगे बढ़ाया है। आज हर क्षेत्र में भारत तरक्की कर रहा है। मोदी एक कुशल राजनेता ही नहीं, वरन अच्छे वक्ता और अच्छे इंसान हैं। मोदी के बगैर भारत की कल्पना ही नहीं की जा सकती। मोदी ने भारत को क्या कुछ नहीं दिया। आजादी के बाद ही कांग्रेस की भ्रष्ट सरकारों ने देश का बंटाधार कर दिया। खुद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहा करते थे कि मैं दिल्ली से एक रुपया भेजता हूं और जनता तक पहुंचते पहुंचते 19 पैसे रह जाते हैं। जबकि मोदी के राज में रुपये का मूल्य पूरा है। जनता तक एक रुपया पूरा पहुंच रहा है। मोदी की नीयत में खोट नहीं है।

इस देश में दो ही काबिल राजनेता है। एक नरेंद्र मोदी और दूसरा अशोक गहलोत। अशोक गहलोत गांधी परिवार की जैजै वंती गाना बंद कर दे तो बहुत आगे जा सकते हैं, मगर वे गांधी परिवार के पिछल्लगु बने हुए हैं। आज भी वे सोनिया, राहुल और प्रियंका के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं। जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं बनाई उन्हें गांधी परिवार के नाम से ही बनाई। इससे उनकी इतकतरफा मानसिकता झलकती है जो खुद उनके लिए नुकसानदायी हो सकती है। जबकि मोदी उदारमना है। मोदी ने कोरोना काल में जो कर दिखाया वो उनकी काबलियत को दर्शाता है। यही हाल राजस्थान में अशोक गहलोत का रहा। उन्होंने भी अपनी काबलियत दर्शाई। मेरी नजर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रथम है। वे अगर स्वैच्छा से प्रधानमंत्री पद छोड़ना चाहें तो अशोक गहलोत देश के प्रधानमंत्री के लायक हैं। लेकिन हम मोदी का मोह छोड़ नहीं पा रहे हैं। मोदी ही हमारी आशाओं का केंद्र है। इसलिए इस देश को अभी मोदी की जरूरत है। अशोक गहलोत को राजस्थान में ही जादूगरी दिखाने दो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस देश के युवाओं को सपने दिखाए। उनके सपनों को पूरा किया। एक नए भारत की तकदीर लिखी। आज हर क्षेत्र में भारत ने तरक्की की है। विदेशों में जब मोदी आत्मविश्वास के साथ भाषण देते हैं तो लगता है पूरा इंडिया स्वाभिमान के साथ सिर उठाकर बोल रहा है। मोदी का कोई जवाब नहीं है। आज के दौर में मोदी जैसा कोई वक्ता नहीं है। मोदी जैसा कोई दृष्टा नहीं है। मोदी जैसा कोई चिंतक नहीं है। मोदी जैसा कोई विश्वनीय नहीं है। मोदी जैसा कोई देवता नहीं है। मोदी जैसा कोई चमत्कारी पुरुष नहीं है। मोदी इस देश का भविष्य भी है और वर्तमान भी। मोदी ने इस देश को त्राण दिया है। मोदी ने वो कर दिखाया है जो आज तक नहीं हुआ। मोदी का राजनीतिक पटल पर उभरना अकस्मात नहीं हुआ। इसके पीछे उनकी लगन, निष्ठा, समर्पित भावना और देशभक्ति का जुनून है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया है कि इंसान चाहे तो क्या नहीं कर सकता। उन्होंने इस देश के स्वाभिमान को जगाया। पुराने कानूनों को खत्म कर देश के गौरव को जागृत किया। इस देश के संविधान को नए सिरे से दिशा देना मानसिक गुलामी से त्राण देने वाला है। वाकई वे अपने विजन से नया भारत बनाने जा रहे हैं। उनके पास पूरा बहुमत है। उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। उनकी टक्कर का कोई नेता देश में है भी नहीं। हमने कुछ उम्मीदें अशोक गहलोत से पाली थी, मगर वे राजस्थान से बाहर जाने के इच्छुक भी नहीं है। वैसे भी कांग्रेस में जब तक सोनिया, राहुल, प्रिंयका है तब तक उन्हें कोई प्रधानमंत्री बनने देने वाला नहीं है। क्योंकि कांग्रेस का बंटाधार गांधी परिवार ने ही किया है। कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति ने हमेशा काम करने के साथ बहती गंगा में हाथ धोने वाला काम ही किया है। कांग्रेस की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तानाशाह रही। इमरजेंसी लगाई और लोकतंत्र का गला घोंट दिया। फिर भी जनता ने इंदिरा को बार-बार मौका दिया। यह ठीक है कि उनके कई कार्य ठीक रहे। लाल बहादुर शास्त्री को तो गांधी परिवार ने भुला ही दिया। उनके नाम से कभी योजनाएं शुरू करने की सोची तक नहीं जाती। वे बेचारे तो सुदामा ही बने रहे। बाद में जो प्रधानमंत्री बने उनके नाम पर भी कोई योजनाएं नहीं बनीं। कांग्रेस को नेहरू और गांधी के अलावा कोई नजर भी नहीं आता। अशोक गहलोत ने राजस्थान में जो बाल साहित्य अकादमी बनाई वो भी पंडित नेहरू के नाम पर। क्या और कोई योग्य आदमी नहीं था। मगर अशोक गहलोत गांधी और नेहरू परिवार से आगे कुछ सोच रखते ही नहीं। मुबारक हो उन्हें। बैठे रहें राजस्थान के कोने में दुबके हुए। पूरा भारत उनकी ओर आशा भरी नजर से देख रहा था मगर वे कुएं के मेढ़क बनकर रहना चाहे तो उन्हें कौन रोक सकता है। वे राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी है, मगर गांधी परिवार की सोच के आगे उनकी कुछ चलती भी नहीं। अब समय आ गया है कि गांधी परिवारवाद के खिलाफ बगावत के झंडे उठाए जाए। इस देश में नेताओं की कमी नहीं है। नेतृत्व की कमी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं रहेंगे तो भी देश रहेगा। नेतृत्व नया आएगा। मगर कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें हमें जिंदगी में कभी भुला नहीं सकते। ऐसे ही हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। वे इतिहास पुरुष है। वे ऐसे संत है जिनका यह देश जीवन भर ऋणी रहेगा। उनमेंं सच्चे लीडर के सभी गुण है। वे ही भारत के मुक्तिदाता हैं। इसलिए बात केवल मोदी की करेंगे। मोदी हमारी आशाओं का केंद्र हैं। इस पंद्रह अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामना देते हुए उनके हाथों में इस देश का भविष्य सुरक्षित समझते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना करते हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor