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एर्नाकुलम केरल में आयोजित अन्र्तराष्ट्रीय सम्मेलन में विनोद कौशिक सम्मानित (खबर चक्र) जोधपुर। केरल राज्य की एक प्रतिष्ठित संस्था का समराज मैजिक वल्र्ड जो कि भारतीय जादू क्षेत्र में विख्यात है। यह संस्था भारतीय जादू कला क्षेत्र में प्रगति, विकास, अनुसंधान, कला विनिमय, इत्यादि को लक्षित करती हुई विश्वस्तरीय अद्भुत आयोजन 13 व 14 अगस्त को टाउनहॉल कोच्चि एर्नाकुलम केरल में देश-विदेश के लगभग 1000 जादू फनकार ने भाग लिया। इस आयोजन में मैजिशियन आर्ट सोसायटी (रजि.) के अध्यक्ष जादूगर विनोद कौशिक को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महासचिव जादूगर चमन अग्रवाल भी उनके साथ थे। अंतराष्ट्रीय जादूगर कौशिक जोधपुर की दो प्रसिद्ध धरोहर उम्मेद भवन व मेहरानगढ़ फोर्ट को गायब करने का करिश्मा दिखा कर अंचभित कर चुके है। इस समारोह में जादूगर आंचल, जादूगर भंवरा तलायचा, जादूगर सुनील रावल, जादूगर शान आदि भी शामिल थे इस जादू सम्मेलन में ईरान, वियतनाम, मालदीव, मलेशिया, थाईलैंड, पेरिस इत्यादि देशो की प्रसिद्ध जादू कला फनकार अपनी फनकारी का प्रदर्शन किया। जादू कला के विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं का भी आयोन हुआ जिसमे वरिष्ठजन, युवा कलाकार, बाल प्रतिभाए, अपने इंद्राजालिक हुनरों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता विजेताओ को पुरुस्कार देकर सम्मानित किया। जादू कला के विकास पर वार्ता, जान-जोखिम भरे स्टंट, मदारी का भव्य मज़मा भी चौराहे हुआ जो दर्शकों को पुन: प्राचीन भारतीय सभ्यता को जीवंत करने का सफल प्रयास है। देश-विदेश से आए जादू व्यवसायियों ने अपना भव्य माया बाजार में लगाकर उपकरणों की नुमाइशे, नई-नई जादू तकनीकियों का आपस मे कला विनिमय किया जिससे भावी युवा पीढ़ी को बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। प्राचीन जादू कला से सम्मोहित होने वालों और अपनाने वालो में उच्य शिक्षित वर्ग शामिल हुए जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अफसर, नेता-अभिनेता, बाल प्रतिभाए, एवम खास कर के युवा महिलाओ की बेहतरीन भागीदारी के साथ ही उनका अचम्भित कर देने वाला प्रदर्शन देश के गौरव को बढ़ा रहा है । इन विश्व विख्यात इंद्राजलिक कला कौशल फनकारों की फनकारी का स्तर उनकी कला साधना का उच्य स्तर आज हमारे देश भारत का जादुई परचम विश्व स्तर पर फहराने में सफल रहा है। विश्वव्यापी जादू सम्मेलन के मुख्य आयोजक एवं परिकल्पकर जादूगर सामराज एवं उनकी अनुभवी टीम जादूगर राजकुमार दिल्ली, सूर्या कृष्णमूर्ति, राजामूर्ति, बिनो पाउल, चमन अग्रवाल इत्यादि दिन-रात की कड़ी मेहनत से से इस सम्मेलन में उभरे अद्भुत जादुई रंग से आयोजन भव्य व सफल रहा।




