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Friday, July 10, 2026, 3:18 am

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कासिम बीकानेरी को शान-ए-वसुंधरा सम्मान मिला, झांसी में हुआ साहित्य सम्मेलन

राखी पुरोहित. बीकानेर 

नगर के प्रतिष्ठित शाइर कहानीकार क़ासिम बीकानेरी को उनकी तकरीबन तीन दशकों की सुदीर्घ साहित्यिक सेवाओं तथा साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र में किए गए रचनात्मक कार्यों हेतु झांसी के वसुंधरा फाइनेंस ग्रुप एवं वसुंधरा टूर एंड ट्रेवल्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में “शान ए वसुंधरा सम्मान” से सम्मानित किया गया।
समारोह के समन्वयकद्वय वसुंधरा फाइनेंस की एमडी सीमा सिंह एवं सीएमडी शाइर दिल शेर ‘दिल’ ने बताया कि शाइर क़ासिम बीकानेरी को उनके सृजनात्मक अवदान के लिए अर्पित किए गए सम्मान के क्रम में अतिथियों एवं संस्था प्रतिनिधियों की तरफ से शॉल, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र एवं उपहार भेंट किए गए।

इससे पूर्व क़ासिम बीकानेरी देश प्रदेश की विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों से 130 से अधिक बार पुरस्कृत एवं सम्मानित हो चुके हैं। जिनमें प्रमुख रूप से जिला प्रशासन बीकानेर, नगर विकास न्यास बीकानेर, नगर निगम बीकानेर, नगर निगम जयपुर, शबनम साहित्य संस्थान सोजत, पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी जयपुर, स्व. रतन लाल व्यास स्मृति सम्मान फलौदी, साहित्य श्री सम्मान श्रीनाथद्वारा, अदबी उड़ान सम्मान उदयपुर, प्रज्ञा सम्मान बीकानेर, जागृति सम्मान जोधपुर, ख़ुश दिलाने जोधपुर की तरफ से सम्मान, सृजनात्मक सम्मान श्रीगंगानगर सहित अनेकों बार सम्मानित एवं पुरस्कार हो चुके हैं। झांसी में हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय समारोह के सदस्य वरिष्ठ शाइर अब्दुल जब्बार ‘शारिब’ ने बताया कि समारोह के प्रथम दिन हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशाएरे में बीकानेर के लब्ध प्रतिष्ठित शाइर क़ासिम बीकानेरी ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत करते हुए झांसी की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की शान में अपना उम्दा एवं बेहतरीन क़तआ:-

बिताई ज़िंदगी अपनी वतन की शान की ख़ातिर,
लुटा दी जान लक्ष्मी बाई ने ईमान की ख़ातिर।
ज़माना याद रखेगा सदा क़ुर्बानी ये तेरी,
शहादत मुस्कुरा के दे दी हिंदुस्तान की ख़ातिर।

पेश किया। जिसे देशभर से पधारे रचनाकारों एवं झांसी के प्रबुद्धजनों ने ख़ूब पसंद किया जिससे श्रोताओं में देशभक्ति की भावना के साथ-साथ देश की आन, बान और शान पर क़ुर्बान होने का जज़्बा पैदा हो गया। क़ासिम बीकानेरी इससे पूर्व 5 प्रदेशों में काव्य पाठ कर चुके हैं जिनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड एवं राजस्थान का नाम शामिल है। क़ासिम बीकानेरी के झांसी में हुए राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में हिस्सा लेने पर नगर, प्रदेश एवं देश के अनेक रचनाकारों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफ़ार्मों पर भी उनको भरपूर सराहना मिली। नगर के अनेक रचनाकारों ने इसे नगर के लिए गौरव की बात बताया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor