शिव वर्मा. जोधपुर
कानून मंत्री जोगाराम पटेल की पोती द्वारा नकल करने को लेकर जो खबरें प्रकाशित हुई उसका पटेल ने खंडन किया है। पटेल ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पिछले दो-तीन दिन से प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रिक मीडिया एवं सोशल मीडिया में पूर्णरूपेण बेबुनियाद, वास्तविक तथ्यों से परे एवं राजनीतिक वैमनस्य रखने वाले कुछ लोगों के द्वारा पूर्णरूप से बनावटी आधारों पर समाचार प्रकाशित करवाए जा रहे हैं या हो रहे हैं और गलत वक्तव्य दे रहे हैं।
हम लोग सुचिता, ईमानदारी और स्वच्छ राजनीति के पक्षधर रहे हैं व हैं। जहां तक मेरी पोती पर कैलकुलेटर पर पेंसिल से कुछ लिखे होने के बेबुनियादी आधारों पर परीक्षा में नकल करने का जो आरोप लगा रहे हैं, यह आरोप पूर्ण रूप से गलत ही नहीं, निंदनीय भी है क्योंकि राजनीतिक दुर्भावना में बच्चों को इसमें घसीटना किसी रूप में सही नहीं है। मेरा उन सब से निवेदन है कि मैंने आज दिन तक कभी भी विश्वविद्यालय प्रशासन से या किसी से भी फोन से या व्यक्तिगत से या अन्य किसी तरीके से कोई बात नहीं की, ना मुझे इसकी पूर्व में कोई जानकारी ही थी, परंतु अब मुझे मिली जानकारी के अनुसार जानबूझकर राजनीति से इसे नकल का प्रकरण बताने की बेजा कोशिश सिर्फ राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए की जा रही है।
मैं प्रेस मीडिया के भाइयों से निवेदन करता हूं कि सच्चाई को पहचाने और हकीकत जानने के उपरांत ही विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठाएं? एक बालिका को राजनीतिक वैमनस्य से घसीटने की जिसने दृष्टता की है वह इस पाप की सजा भुगतने के लिए तैयार रहें, प्रभु उसे इस पाप की अवश्य सजा देगा। जहां तक अधिवक्ता मनीष को “कर्मचारी चयन बोर्ड” का अधिवक्ता बनाने का प्रश्न है, वर्तमान भाजपा सरकार आने के उपरांत आज दिन तक कर्मचारी चयन बोर्ड ने उसके नियुक्ति का कोई पत्र जारी हीं नहीं किया बल्कि वो 2018 से बोर्ड के pannel में है।
इस तरह दोनों ही बेबुनियाद आधारों पर अखबारों में, टीवी में या सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना या गलत समाचार प्रकाशित करवाना और हमारी राजनीतिक छवि को धूमिल करने का जो कुछ षडयंत्र रचा जा रहा है, उसमें वे कभी सफल नहीं होंगे। सत्य कभी पराजित नहीं होता है। नकारात्मक राजनीति करने वाले और जिनकी धरातल खिसक रही है, ऐसे लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों का मै पूर्ण रूप से खंडन करता हूं और उनके ऐसे गैर जिम्मेदाराना वक्तव्य की निंदा करता हूं।









