राखी पुरोहित. रायबरेली
विश्व दूरसंचार दिवस एवं ब्रह्मकुमारी गरिमा सिंह के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर काव्य रस साहित्य मंच की राजस्थान प्रदेश इकाई द्वारा एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर से 62 नामचीन कवि, कवयित्रियाँ एवं साहित्यकार सम्मिलित हुए और अपनी रचनात्मकता से मंच को गौरवान्वित किया।
सम्मेलन में देशभर से जुटे रचनात्मक स्तंभ
इस विराट कवि सम्मेलन में मंच के प्रमुख पदाधिकारियों इंद्रेश भदौरिया, शिवकुमार सिंह शिव, आर.एम. लाल, छोटे लाल सिंह, पूर्णिमा सुमन, संजुला सिंह, मीना रावलानी आदि के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी साहित्यिक प्रस्तुति दी।
सम्मेलन में डॉ. कमलेश मलिक (सोनीपत), डॉ. गीता पांडेय ‘अपराजिता’ (रायबरेली), राम बहाल सिंह बहाल (वाराणसी) और मधुलिका स्वरूप (बहराइच) जैसे प्रसिद्ध नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे।
सम्मेलन का उद्देश्य: साहित्य और कला के क्षेत्र को समर्पण
मंच के संस्थापक शिवनाथ सिंह शिव ने अपने उद्बोधन में कहा:
“यह सम्मेलन साहित्य और कला के क्षेत्र में रचनात्मक योगदान की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है, जो प्रतिभाशाली रचनाकारों को एक साझा मंच प्रदान करता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह मंच प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, साहित्य-संवाद को आगे बढ़ाने और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध होगा।
संरक्षक का मार्गदर्शन
मंच के संरक्षक एवं मुख्य प्रशासक सुधीर श्रीवास्तव ने अपने विचार रखते हुए कहा:
“ऐसे आयोजनों की सफलता तभी सार्थक होती है जब हम स्वार्थ-रहित भाव से एक-दूसरे का मार्गदर्शन करें, स्वयं भी सीखते रहें और सतत साधना में लगे रहें।”
उन्होंने सतत रचनात्मक प्रयास की भावना को आवश्यक बताते हुए मंच के भविष्य की योजनाओं की सराहना की।
सौम्य संचालन और भावपूर्ण समापन
सम्मेलन का संचालन आभा गुप्ता, डा. संजीदा खानम, शिवनाथ सिंह शिव और प्रगति शंकर सहाय ने अत्यंत सुंदर एवं व्यवस्थित ढंग से किया।
अंत में पश्चिमी भारत प्रभारी डा. संजीदा खानम ने राजस्थान इकाई की ओर से सभी प्रतिभागी साहित्यकारों और मंच के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन की भविष्य की शुभकामनाओं के साथ समापन की घोषणा की।









