सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)।
बिना पुरूषार्थ के व्यक्ति अपने जीवन में कोई उपलब्धि प्राप्त नहीं कर सकता। खवासपुरा में बुधवार को जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा श्रध्दालुओं को धर्म उपदेश प्रदान करतें हुए कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति को महानता की ओर ले जाती है, जबकि विकार और गलत संगत व्यक्ति के पतन का कारण बनती है। गलतीया करके व्यक्ति अपने दोषों को भगवान पर मढ़ने की बजाय आत्म – विश्लेषण करके स्वंय के दोष करेगे तभी हमारा आत्मोद्धार हो सकता है।
अखिलेश मुनि ने कहा कि संगति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, जैसी संगत में व्यक्ति रहता है, वैसा ही उसका स्वभाव और व्यक्तित्व बन जाता है। गलत संगति से बुराइयां और सही संगति से अच्छाइयां जीवन में आती हैं। सद्पुरुषों की संगति व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकती है। इस दौरान धर्मसभा मे जैन समाज के महावीर कोठारी, अमरचंद सुराणा, अशोक कोठारी, नथमल कोठारी के साथ सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सतनामी, रामनिवास माली, ओमप्रकाश फौजी, सुभाषचंद छीपा ओर इंदावड़ से महावीर सिसोदिया, गौतम सिसोदिया, पीपाड़़ से ललित कोठारी आदि अतिथियों की उपस्थित रही। सभा का संचालन रामनिवास माली ने किया।





