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Friday, July 10, 2026, 4:37 am

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Lifestyle

सेवा, समर्पण और सशक्तिकरण की प्रतीक: जोधपुर की निरूपा पटवा और उनका ‘जायंट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडीज’

— एक प्रेरणादायक मिसाल जिसने 1 लाख से अधिक ज़िंदगियों को छुआ

राखी पुरोहित. जोधपुर 

जिस दौर में समाज सेवा अक्सर मंचों और भाषणों तक सिमट जाती है, वहीं एक महिला ऐसी भी हैं जो न सिर्फ सेवा को जीवन का उद्देश्य मानती हैं बल्कि सैकड़ों महिलाओं को भी उसी मार्ग पर प्रेरित करती हैं। हम बात कर रहे हैं जायंट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडीज, जोधपुर की अद्यक्ष निरूपा पटवा की, जिन्होंने पिछले 19 वर्षों में 2753 से अधिक सेवा कार्यों के ज़रिए न केवल जोधपुर बल्कि राजस्थान और उससे बाहर भी इंसानियत की मिसाल कायम की है।

200 महिलाओं का कारवां, हर साल 20 लाख से ज्यादा की सेवा

निरूपा पटवा द्वारा गठित ‘जायंट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडीज’ में 200 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह, बच्चों के जन्मदिन या बुजुर्गों की पुण्यतिथि को सामाजिक सेवा के रूप में मनाती हैं। हर साल मिलकर लगभग 15 से 20 लाख रुपए की सेवाएं की जाती हैं, जिनमें राशन वितरण से लेकर चिकित्सा सहायता तक शामिल है।

वस्तु और सेवा दोनों का दान

सदस्याएं अपने घरों से फ्रीज़, टीवी, कूलर, स्टील के बर्तन, प्रेस मशीन जैसी उपयोगी वस्तुएं दान करती हैं। संस्था अब तक 1 लाख से ज्यादा जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुँचा चुकी है। वर्ष भर में 200 से अधिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

बाल विवाह, कैंसर रोगी और हेयर डोनेशन — सबका साथ

निरूपा पटवा ने लव कुश अनाथ आश्रम की मूक-बधिर बालिका का स्वयं कन्यादान किया, साथ ही अब तक 37 कन्याओं के विवाह में सहायता दी है। कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए मेगा हेयर डोनेशन कैंप का आयोजन कर 150 महिलाओं से बाल दान करवाना एक ऐतिहासिक पहल रही, जिससे कई मरीजों को विग मिल सके।

अस्पताल, स्कूल, वृद्घाश्रम: हर ज़रूरत पर सेवा

संस्था द्वारा राजकीय अस्पतालों, विद्यालयों, आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में व्हीलचेयर, वाटर कूलर, फ्रूट वितरण जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से दी जाती हैं। नारी निकेतन, अपना घर, वात्सल्यपुरम, वृद्धाश्रम, अनाथालयों में सुखी सामग्री, खाद्य सामग्री, कपड़े, कंबल का वितरण कर जरूरतमंदों को संबल प्रदान किया जाता है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प

संस्था योगा, सीपीआर, ब्यूटीशियन, कुकिंग, मेडिटेशन, सिलाई, मेहंदी आदि प्रशिक्षण के निशुल्क सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन कर महिलाओं को खुद के पैरों पर खड़ा करना सिखाती है। प्रदर्शनी मेलों के माध्यम से उन्हें बिक्री का भी प्लेटफॉर्म मिलता है।

शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों में योगदान

राजकीय स्कूलों में सैनिटरी पैड मशीन, फीस भुगतान, कंप्यूटर, पंखे, आउटडोर/इंडोर गेम्स, किताबें, स्टेशनरी, स्वेटर, चप्पल जैसी आवश्यक चीज़ों का वितरण किया गया। वहीं, आदिवासी क्षेत्रों में जाकर आंगनवाड़ी व एकल विद्यालयों में शिक्षा सामग्री वितरित की गई।

जानवरों से भी नाता: गोशालाएं और पक्षी सेवा

संस्था ने पक्षियों के परिंडे, गायों के पानी के कुंडे, कुत्तों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था सहित कई पशु-पक्षियों के कल्याण में भी योगदान दिया। गोशालाओं में चारा और कमरों की व्यवस्था की जाती है।

कोरोना में दिन-रात की सेवा

कोरोना काल में निरूपा पटवा ने प्रतिदिन 150-200 लोगों का भोजन स्वयं बना कर वितरित किया। इस कार्य के लिए उन्हें राजस्थान सरकार द्वारा 15 अगस्त 2020 व 3 दिसंबर 2024 को जिला स्तरीय सम्मान, वीर दुर्गादास राठौड़ सम्मान, सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जजों से विशिष्ट सम्मान भी प्राप्त हुआ।

संस्थागत सम्मान और सामाजिक पद

निरूपा पटवा ने राष्ट्रीय पुलिस महिला कल्याण मोर्चा, वन बंधु परिषद, बैंक ऑफ बड़ौदा, IHM एंटी रैगिंग कमिटी, भारतीय डाक विभाग की सेक्सुअल हैरेसमेंट कमिटी जैसी संस्थाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें जोधपुर की 50 से अधिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।


जहाँ चाह, कर दिखाया निरूपा पटवा ने

जायंट्स वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष के रूप में निरूपा पटवा सिर्फ सेवा कार्य नहीं कर रहीं, बल्कि समाज में नारी सशक्तिकरण, जीव दया, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। उनकी सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहती हैं और उनकी प्रेरणा से हर उम्र की महिलाएं सामाजिक उत्थान में भागीदारी निभा रही हैं।

ऐसी नारी शक्ति को नमन, जो न सिर्फ खुद जगी, बल्कि सैकड़ों दीप जलाने का कारण बनी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor