पंकज जांगिड़. जोधपुर
भाद्रपद मास की शनि अमावस्या के पावन अवसर पर बाईजी का तालाब स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में मंदिर कमेटी की ओर से हवन का आयोजन हुआ। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि आर्य वीरेंद्र भाकरेचा द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ किए गए हवन में आर्य राधेश्याम, मंदिर कमेटी के संरक्षक रामेश्वरलाल हर्षवाल, श्री जांगिड़ पंचायत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्योति स्वरूप धनेरवा, मंदिर कमेटी के गोपी किशन जांगिड़, प्रेमप्रकाश जायलवाल, रामदयाल जादम, हुकमाराम झिलोया, मिश्रीलाल कुलरिया, दिनेश पालड़िया और मातृशक्ति सुनिता शर्मा, आर्या रामरखी देवी, सुखी देवी ने आहुतियां प्रदान कर देश में खुशहाली व सभी के सुख-समृद्धि के लिए मंगल कामना की। शनि अमावस्या हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखती है। आर्य राधेश्याम ने एक हवन करना सात तीर्थ करने के समान बताया। साथ ही शनि अमावस्या का महत्व बताते हुए कहा कि इस दिन भगवान शनि की पूजा-अर्चना, हवन और दान-पुण्य करने से कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। शनिदेव न्याय के देवता हैं और कर्मों के अनुसार फल देते हैं। आज मंदिर में भगवान विश्वकर्मा के दर्शनार्थ अनेक श्रद्धालुओं का आवागमन रहा। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।








