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Sunday, August 23, 2026, 10:08 am

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Lifestyle

दिव्यांगजनों के प्रति समाज सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाए : प्रो. मीना बरडिया

राजकीय उमावि बड़ली में विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ली, जोधपुर परिसर में विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के तत्वावधान में ”दिव्यांगों की शिक्षा, विकास एवं सामाजिक समावेशन” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

“दिव्यांग समर्थ है: व्यर्थ नहीं” विषय आधारित इस कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. मीना बरडिया ने विशिष्ट वक्ता के रूप में दिव्यांगजनों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल दिया । मुख्य वक्ता डॉ. नीता जैन ( पुनर्वास मनोचिकित्सक) ने दिव्यांग अधिनियम का संक्षिप्त परिचय दिया और दिव्यांगजनों के सामाजिक समावेशन हेतु आवश्यक प्रयासों को रेखांकित किया। आईडीबीआई बैंक के असिस्टेंट मैनेजर पीराराम चौधरी ने एक दिव्यांगजन के रूप में अपनी सफलता की कहानी से विद्यार्थियों को रूबरू करवाया ग्राम पंचायत बडली के सरपंच किशनाराम राम कटारिया ने विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और ग्रामीण जनों के मध्य दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता के भाव जागृत करने हेतु संस्थान से एक प्रोजेक्ट पर कार्य करने का आग्रह किया।

दिव्यांगजन समाज की मुख्य धारा का एक अभिन्न हिस्सा है : विश्नोई

विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रामनिवास विश्नोई ने बताया कि दिव्यांगजन समाज की मुख्य धारा का एक अभिन्न हिस्सा है तथा वे समाज के समावेशी विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । प्रज्ञा निकेतन छात्रावास के विजय सिंह एवं विद्यालय की छात्रा तनीषा सेन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार स्वरूप साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशेष छात्रावास प्रज्ञा निकेतन के छात्रों ने भी भाग लिया। इस दौरान मानसिंह, सरोज, डॉ. अंजू भट्ट, श्रवण कुमार शर्मा, सिंधु शर्मा, कृष्णा गौड़, ज्योति राजपुरोहित, सीमा शर्मा, भारती, मंजू मेहरा, बैजू परिहार, वैराज सोनी, रीना सोढा, शोभा, सूर्यकांत व्यास, खींयाराम आदि शिक्षक भी उपस्थित रहे। व्याख्याता राजूराम बिश्नोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता बाबू सिंह राजपुरोहित ने किया ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor