जोधपुरी पत्थरों से बना शिल्प-स्थापत्य का बेजोड़ नमूना है अक्षरधाम मंदिर, जहां कारीगरों ने पाषाणों में प्राण भर दिए हैं..मंदिर अध्यात्म के अक्षरों से आगंतुकों का स्वागत करने को है आतुर…कार्यक्रम की तैयारियां शुरू
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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जोधपुर में अध्यात्मक की अक्षयधारा बहने जा रही है। शिल्प-स्थापत्थ्य का बेजोड़ नमूना अक्षरधाम मंदिर बनकर तैयार है। जोधपुरी पत्थरों का नायाब नमूना अपनी कारीगरी के लिए फिर एक बार दुनिया में छाने वाला है। अक्षरधाम मंदिर के शिल्प-स्थापत्य में कारीगरों ने कला के साथ प्राण-भर दिए हैं। अब जोधपुर अध्यात्म जगत नया इतिहास रचने जा रहा है। आगामी नवरात्रा शहरवासियों के लिए खुशी की खबर लेकर आ रहा है। जब साधना और उपवास से लोग नवरात्रा का स्वागत करेंगे, उसी दौरान श्री स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर का मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव 25 सितंबर को विक्रम संवत 2082 आश्विन शुक्ल तृतीया नवरात्रा के अवसर पर संपन्न होगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम 23 सितंबर को शुरू होगा।
अक्षरधाम के निर्माता विश्व वंदनीय संत विभूति भगवान स्वामिनारायण के अखंड धारक परम प्रवीण संत महंत स्वामी महाराज के कर कमलों से अक्षरधाम मंदिर में वैदिक प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी। ईश्वरचरण स्वामीजी एवं समस्त राजस्थान सत्संग मंडल की ओर से साधु-श्वेतप्रकाशदास, साधु योगी प्रेमदास एवं संतवृंद ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाले देवस्वरूप :
1-श्री राधाकृष्ण भगवान
2-श्री अक्षपुरुषोत्तम महाराज
3-श्री घनश्याम महाराज
4-हनुमानजी
5-श्री सीताराम भगवान
6-श्री शिव-पार्वती भगवान
7-श्री गणपतिजी
कार्यक्रम की रूपरेखा :
23.09.2025 : सुबह 6:30 बजे : विश्व शांति महायज्ञ (केवल जोधपुर वासियों के लिए)
24.09.2025 : सुबह 6:30 बजे : विश्व शांति महायज्ञ (राजस्थान और परप्रांत के लिए)
24.09.2025 : दोपहर 2 बजे : भव्य शोभायात्रा, रावण के चबूतरे से
25.09.2025 : सुबह 6:30 बजे से : मूर्ति प्रतिष्ठा विधि
25.09.2025 : शाम 5:30 बजे : लोकार्पण समारोह
मंदिर की प्रमुख विशेषताएं :
सुविधासज्ज यात्री निवास
विशाल भोजनशाला
रमणीय उद्यान
भव्य सभागृह
गोशाला
संत निवास
किड्स प्लेज जोन
बंक्वट हॉल









